मुरादाबाद। फर्जी पंजीकरण का धंधा खूब फल फूल रहा है। बाहरी जिलों व राज्यों से चोरी करके लाए जा रहे चार पहिया वाहनों को सेटिंग के जरिए रजिस्ट्रेशन लेटर जारी किया जा रहा है। कई वाहन फर्जी पंजीकरण के जरिए ही जिलों में दौड़ रहे हैं और किसी की भी नजर इन पर नहीं। एसओजी टीम के हत्थे चढ़े वाहन चोरों ने रविवार को कप्तान के सामने यह खुलासा किया। पुलिस ने उनके कब्जे से छह बुलेरो और एक सफारी बरामद की है।
शनिवार को एसओजी टीम ने आरटीओ दफ्तर के पास छापा मारकर चोरी के वाहनों समेत तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। करीब आठ व्यक्ति छह बुलेरो और एक सफारी का पंजीकरण कराने आए थे। लेकिन छापेमारी के दौरान पांच चोर भाग निकले। रविवार को पुलिस लाइन में हुई प्रेसवार्ता में अभियुक्तों शाहिद पुत्र हामिद निवासी मूंढापांडे, मो. अली पुत्र बब्बन निवासी मूंढापांडे, सुरेंद्र सिंह पुत्र मंगी निवासी रामपुर ने बताया कि पकड़ी सफारी गाड़ी शहर में ही संचालित हो रही थी, जबकि एक बुलेरो बिलारी में धड़ल्ले से चल रही थी। दो वाहन उन्होंने छत्तीसगढ़ से चुराए थे तो बाकी दिल्ली, यूपी और हरियाणा से। पंजीकरण के लिए उनके फरार साथियों की मुरादाबाद और बरेली आरटीओ आफिस में कुछ लोगों से सेटिंग है। वही वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर बदलवाकर इन नंबरों के आधार पर आरटीओ में रजिस्ट्रेशन कराते थे। इसके बाद एक वाहन को चार से पांच लाख रुपये में आसानी से बेच देते हैं।
एसएसपी ने बताया कि वाहन चोरों की सूचना पर उनके फरार साथियों की तलाश की जा रही है। इस अंतर्राज्यीय गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है। बाकी सदस्यों के पकड़ में आने के बाद आरटीओ आफिस के उन कर्मचारियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा, जो फर्जी तरीके से वाहनों के पंजीकरण में लिप्त हैं।
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एआरटीओ की गाड़ी चलाता था एक आरोपी
पकड़े गए युवकों में से सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनका एक साथी बरेली के एक एआरटीओ की प्राइवेट गाड़ी चलाता था। सुरेंद्र ने बताया कि उसी के जरिए बरेली आरटीओ आफिस में सेटिंग हुई। इसके बाद वहां के कर्मचारियों ने मुरादाबाद में अपने सहयोगियों से जान पहचान करा दी।