हीरापुर गांव के सामुदायिक शौचालय में लटका है ताला।
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संभल/ओबरी। लोकार्पण के साढ़े तीन महीने बाद भी असमोली विकास खंड में 54 सामुदायिक शौचालय बंद पड़े हैं। उममें ताले लटक रहे हैं और जिनके घर के शौचालय टूट चुके हैं वे खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। यह स्थिति तब है जब जनपद को खुले मे शौच मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चल रहा है। असमोली विकास खंड में चार करोड़ 55 लाख 60 हजार रुपये खर्च करके 74 सामुदायिक शौचालय बनवाए जा रहे है। इसमें 54 शौचालय पूर्ण हो गए हैं। बीस शौचालय निर्माणाधीन हैं। शौचालय चालू न होने से 54 गांवों के 10,000 से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं।
जन प्रयोग के लिए प्रत्येक गांव में एक सामुदायिक शौचालय बनाने की योजना लागू की गई है। इसके तहत 54 गावों में शौचालय बन चुके हैं। शौचालयों का संचालन कराने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की है। इन दिनों शौचालयों का संचालन कराने के लिए स्वयं सहायता समूहों को काम सौंपा जा रहा है।असमोली विकास खंड में शौचालयों को स्वयं सहायता समूहों हाथ में दिया जा चुका है लेकिन किसी ने भी संचालन शुरू नहीं किया है जबकि इन शौचालयों का औपचारिक तरीके से 19 अक्तूबर 2020 को लोकार्पण किया जा चुका है। इस हिसाब से साढ़े तीन बीतने के बाद भी शौचालय चालू नहीं हो सके हैं। असमोली के सहायक विकास अधिकारी पंचायत महेंद्र सिंह ने बताया कि शौचालय संचालन के संबंध में स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण के बाद इनका संचालन शुरू होगा।
आंकड़ों की नजर में
असमोली विकास खंड में कुल ग्रामों की संख्या 77
अब तक असमोली ब्लाक के 54 ग्रामों में बनकर तैयार हुए शौचालय
विकास खंड के 20 गांवों में निर्माणाधीन हैं शौचालय
तीन गांवों में जगह न मिलने से शौचालय का निर्माण नहीं हुआ शुरू
सार्वजनिक शौचालय चालू न होने से दस हजार से अधिक लोग प्रभावित