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नोटा से हार गए थे मंडल के 53 फीसदी प्रत्याशी

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मुरादाबाद। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की भारी भरकम फौज नोटा से भी पार नहीं पा सके। चुनाव में मंडल के 53 फीसदी प्रत्याशी नोटा से हार गए थे। 156 उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट मिले। सिर्फ 138 प्रत्याशियों को ही नोटा से अधिक मत मिले।
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पिछले विधानसभा चुनाव में मंडल की 27 सीटों पर कुल 294 प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाया था। इसमें राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के उम्मीदवारों के साथ निर्दलीय शामिल थे। लेकिन चुनाव परिणाम चौंकाने वाला सामने आया। इन 27 विधानसभाओं में 36975 मतदाताओं को प्रत्याशी पसंद नहीं आए। उन्होंने नोटा का बटन दबाया। इसके चलते 294 में से 156 प्रत्याशी नोटा से भी नहीं जीत पाए। 53 फीसदी उम्मीदवारों को नोटा से कम मत मिले। 138 उम्मीदवार ही ऐसे रहे, जिन्होंने नोटा से अधिक वोट हासिल किया। नोटा से हारने वालों में सबसे अधिक प्रत्याशी बिजनौर जिले के रहे। यहां चुनाव में 54 उम्मीदवारों को नोटा से कम मत मिले। वहीं रामपुर जिले में सबसे कम 14 प्रत्याशी नोटा से हारने वाले रहे।
वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव के आंकड़े
जिले-----विस सीट--कुल प्रत्याशी--नोटा से हारे
मुरादाबाद---06--------86--------43
रामपुर-----05--------35--------14
अमरोहा----04--------36--------23
संभल-----04--------36--------22
बिजनौर----08--------101-------54
धनौरा में सभी उम्मीदवार रहे नोटा के पार
मुरादाबाद। मंडल की सिर्फ मंडी धनौरा विधानसभा सीट रही, जहां सभी उम्मीदवारों को नोटा से अधिक मत मिला। वर्ष 2017 के चुनाव में मंडी धनौरा सीट पर सबसे कम चार प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। जिन्हें नोटा से अधिक वोट मिले। यहां 1824 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था। यहां से कोई निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं था।
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बिजनौर में सबसे अधिक उम्मीदवार, नोटा का बटन भी अधिक दबा
मुरादाबाद। पिछले चुनाव में मंडल के बिजनौर जिले में सबसे अधिक 101 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। यहां नोटा का बटन दबाने वालों की संख्या भी सबसे अधिक रही। यहां सबसे अधिक 9084 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया था।
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