बिलारी। संभल जनपद के एक किसान ने बिलारी क्षेत्र की एक बैंक स्टाफ पर उसके नाम फर्जी ऋण जारी करने का आरोप लगाया है। किसान ने बैंक स्टाफ के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करने को पुलिस को तहरीर भी दी है।
संभल जिले के कैलमुंडी गांव निवासी वृद्ध किसान जयपाल सिंह ने बताया कि अपने खेत में खड़े गन्ने के सर्वे के दौरान सट्टा चालू रखवाने के लिए उसने शुक्रवार की दोपहर संभल तहसील कार्यालय से अपने नाम वाली कृषि भूमि गाटा संख्या 498 स्थित ग्राम पतौंजा तहसील संभल की खतौनी की नकल निकलवाई। किसान के मुताबिक खतौनी की नकल पढ़ने पर पता चला कि उसमे 18 अक्टूबर 2016 का एक आदेश दर्ज है जिसमें एचडीएफसी बैंक शाखा बिलारी से किसान जयपाल द्वारा चार लाख रुपये का ऋण लेकर भूमि बंधक रखी होने की बात लिखी है।
परेशान किसान जयपाल शनिवार की सुबह बिलारी आकर एचडीएफसी बैंक शाखा में स्टाफ से मिला और अपने द्वारा बैंक शाखा से किसी प्रकार का कोई ऋण न लेने की बात कहते हुए ऋण संबंधी पत्रावली दिखाने को कहा। किसान का आरोप है कि बैंक शाखा स्टाफ ने उसे कोई ऋण पत्रावली नहीं दिखाई और बैंक शाखा से बाहर निकाल दिया। किसान ने कोतवाली पहुंचकर बैंक स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने को पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण बैंक के अभिलेखों से जुड़ा है लिहाजा बैंक शाखा में जांच कर असलियत का पता लगाया जाएगा। इस मामले में सवाल यह उठ रहा है कि केंद्रीय रिजर्व बैंक की ओर से सभी बैंक शाखाओं को वह इलाका आवंटित होता है जिसमें वह ऋण दे सकती है। ऐसी स्थिति मेें संभल क्षेत्र के किसान को बिलारी की बैंक शाखा से कैसे ऋण स्वीकृत हो गया यह भी पुलिस की जांच का विषय होगा।
बैंक के केसीसी विभाग से मंगवाई है फाइल: शाखा प्रबंधक
बिलारी। नगर स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा के प्रबंधक सौरभ सक्सेना ने बताया कि इस संबंध में बैंक के केसीसी विभाग के पास ही किसानों को ऋण देने की जानकारी होती है। केसीसी विभाग से संबंधित क्लस्टर हैड का कार्यालय रूद्रपुर में स्थित है। किसान की ओर से बैंक में मौखिक आकर बताने पर क्लस्टर हैड कार्यालय से केसीसी संबंधित पत्रावली मंगाई गई है। पत्रावली बैंक शाखा में आने पर ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।