मुरादाबाद। बरसात आ जाने और नदी के घटते बढ़ते जल स्तर को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ व नदी कटान से निपटने की सभी तैयारी पूरी कर ली है। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए 34 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं, जबकि कटान की समस्या आने पर बचाव किए जाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से तीन बाढ़ चौकियां स्थापित करने के साथ वहां बचाव कार्य के लिए पर्याप्त सामग्री भी एकत्र कर ली गई है।
कालागढ़ व तुमड़िया बांधों से पानी छोड़े जाने, अतिवृष्टि व पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद से जिले में बहने वाली नदियों के बढ़े जलस्तर से जिले के 232 ग्रामों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो जाता है। इसमें सदर तहसील क्षेत्र के 105 ग्राम, ठाकुरद्वारा के 50, बिलारी के 24 व कांठ के 53 गांव शामिल हैं। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सदर तहसील में 16, ठाकुरद्वारा में नौ, कांठ में छह व बिलारी तहसील में तीन बाढ़ चौकियों (कुल 34) की स्थापना की गई है। इसके अलावा बाढ़ खंड की ओर से काजीपुर मुस्तापुर तटबंध, बलिया-बल्लभगढ़ तटबंध तथा लालपुर पीपलसाना में बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन बाढ़ चौकियों पर नदी का जलस्तर बढ़ने पर होने वाले कटान रोकने के लिए बोल्डर व बल्ली आदि जरूरी सामान का स्टाक रखा गया है। नौ प्राइवेट नावों की भी व्यवस्था की गई है। बाढ़ का पानी यदि गांव में भरता है तो उस गांव के लोगों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए जिले के दस विद्यालयों को शरणालय के रूप में चिह्नित कर लिया गया है।
ये 10 विद्यालय बनाए गए हैं बाढ़ पीड़ित शरणालय
राजकीय इंटर कॉलेज मुरादाबाद, किसान इंटर कॉलेज अगवानपुर, डीएसएम इंटर कॉलेज कांठ, सर्वोदय इंटर कॉलेज डिलारी, सनातन धर्म हिंदू कॉलेज ठाकुरद्वारा, रामरतन इंटर कॉलेज बिलारी, जेएलएम इंटर कॉलेज कुंदरकी, राजकीय इंटर कॉलेज भोजपुर और मूंढ़ापांडे तथा राजेंद्र सिंह इंटर कॉलेज मूंढ़ापांडे।
बाढ़ से निपटने की सभी तैयारी जिला प्रशासन ने पूरी कर ली है। बाढ़ चौकियां स्थापित कर वहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। जिला मुख्यालय पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर दी गई है। जिसका नंबर 0591-2412728 है। इस पर 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
प्रीति जायसवाल, दैवी आपदा प्रभारी एवं एडीएम (एफआर)