पशु आहार की दुकान पर प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बेचा जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन की छापे की कार्रवाई में प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन की 22100 डोज पकड़ी गई हैं। औषधि निरीक्षक ने तीन दिन तक निगरानी के बाद दुकान पर छापा डाला तो बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए। इंजेक्शन जब्त करने के साथ ही पशु आहार विक्रेता के खिलाफ औषधि अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया।
औषधि निरीक्षक मुकेश जैन ने बताया कि एक व्यक्ति ने प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन की बिक्री किए जाने की सूचना दी थी। उसके अनुसार थाना नागफनी क्षेत्र के नवाबपुरा में एक पशु आहार विक्रेता चारा, खल, चूनी के साथ प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री कर रहा है। शिकायत के बाद उन्होंने तीन दिन तक दुकानदार की निगरानी करवाई। इसके बाद शनिवार दोपहर उन्होंने सहायक आयुक्त औषधि पुलिस की मदद ली और एक व्यक्ति को दुकान पर प्रतिबंधित इंजेक्शन खरीदने के लिए भेजा। दुकानदार ने एक डोज 20 रुपये में बेची। इसी दौरान टीम के साथ मौजूद थाना नागफनी के पुलिसकर्मियों ने दुकानदार मोहम्मद सलीम पुत्र अब्दुल लतीफ को रंगेहाथ पकड़ लिया। तलाशी में उसकी दुकान से प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की 22,100 डोज मिलीं। सलीम ने इंजेक्शन प्लास्टिक के दो बड़े डिब्बों में छिपाकर रखे थे। औषधि निरीक्षक मुकेश जैन ने बताया कि इस इंजेक्शन की बिक्री प्रतिबंधित है, इसका इस्तेमाल गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। बरामद इंजेक्शन को सील कर दिया गया है। इनके नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। मामले की जांच के बाद और नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सुसंगत धाराओं में न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा, ताकि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके।
मवेशियों में दूध का प्रवाह बढ़ाने के लिए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। चिकित्सकीय शोध में पाया गया कि इससे दुधारू पशुओं को काफी पीड़ा होती है और दूध में भी इंजेक्शन का असर चला जाता है। इस दूध के सेवन से पुरुष और महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सरकार ने इस इंजेक्शन की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है।