मुरादाबाद से सटे मंगूपुरा गांव में पिछले 20 दिनों में करीब 20 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। उनके मुताबिक मरने वाले सभी लोगों में बुखार, खांसी या जुकाम के लक्षण थे। लेकिन किसी की भी कोविड जांच नहीं हुई थी। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का कहना है कि उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, न ही कोई शिकायत आई है।
दिल्ली रोड पर पाकबड़ा और मझोला थाने के बीच स्थित मुरादाबाद ब्लॉक के गांव मंगूपुरा की आबादी करीब दस हजार है। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले कई दिनों से यहां के लोग बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित हैं। लगभग हर तीसरे घर में कोई न कोई मरीज है। इनमें से कौन कोरोना संक्रमित है और कौन नहीं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। ग्रामीणों ने अपनी कोविड जांच नहीं कराई है।
पंचायत चुनाव से पहले से ही यहां काफी लोग बीमार थे। 25 अप्रैल को बीमार मुन्नी देवी की यहां मौत हुई। इसके बाद 26 अप्रैल को प्रेम की जान गई। वह भी कई दिनों से बीमार थे। पहले तो ग्रामीण इसे साधारण मान रहे थे। लेकिन एक मई को एक साथ चार लोगों की मौत से उनमें दहशत बढ़ गई।
25 अप्रैल से अब तक कुल 20 लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग इन मौतों से अनजान है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक स्वास्थ्य विभाग से कोई कर्मचारी गांव में जांच के लिए नहीं आया। ग्राम प्रधान की ओर से भी विभाग को सूचना नहीं दी गई है। जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी का दावा है कि गांव में दवा बांटी जा रही है।
गांव के नजदीक है कोविड सेंटर
मंगूपुरा के नजदीक ही नया मुरादाबाद में कोविड सेंटर बनाया गया है। कई ग्रामीण कोविड सेंटर की नजदीकी को गांव में बीमारी फैलने की वजह मान रहे हैं। उनका कहना है कि हवा से आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
नजदीकी गांव में पहुंचे थे सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मुरादाबाद के दौरे के समय मनोहरपुर गांव का रुख किया था। उन्होंने मनोहरपुर में एक कोरोना मरीज का हाल और दवा वितरण की स्थिति पूछी थी। उनके आने से मनोहरपुर में सफाई और ग्रामीणों की जांच पर तो गौर शुरू हुआ लेकिन मनोहरपुर से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित मंगूपुरा की सुध किसी ने नहीं ली है।
बोले ग्रामीण -
हमारे गांव में कई लोग बुखार से ग्रस्त हैं। मेरे घर में भी कई सदस्य बुखार की चपेट में हैं। लगातार इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं हो रहा है। गांव में सैनिटाइजेशन नहीं किया जा रहा है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी गांव में जांच के लिए कैंप नहीं लगाया है।- अनिल कुमार
एक मई को मेरे पिता की मौत हुई थी। उन्हें बुखार था। दस मई को मेरे चाचा की भी मौत हो गई। वह भी बुखार के साथ-साथ खांसी-जुकाम से पीड़ित थे। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई है। गांव में अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं आई है।- विक्की
गांव में कई लोग बीमार हैं। अधिकारियों से मांग की है कि बीमार ग्रामीणों की जांच कराई जाए और दवाइयां दी जाएं।- रामअवतार पाल
गांव में पिछले कुछ ही दिनों में कई लोगों की जान गई है। सभी बीमार थे। अब भी कई लोग बीमार हैं। गांव वाले डरे हुए हैं। शहर के नजदीक होने के बावजूद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस गांव पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।- ताहिर हुसैन
बोले जिम्मेदार -
मंगूपुरा में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। बुखार के साथ-साथ खांसी-जुकाम के भी लक्षण कई लोगों में हैं। कई लोगों की मौत हो चुकी है। पहले हम इन्हें साधारण मौत मान रहे थे। अभी इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को नहीं दी गई है। अब जिला प्रशासन से गांव में कैंप लगवाने की मांग की जाएगी।- प्रेमचंद्र, ग्राम प्रधान
गांव में कई लोग कोरोना संक्रमण जैसे लक्षण वाले हैं। गांव को लगातार सैनिटाइज कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमित लगने वाले लोगों को दवा भी उपलब्ध कराई जा रही है।- जितेंद्र कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी
सभी राजस्व गांवों का आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सर्वे कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर सर्वे कर रही हैं। अगर मंगूपुरा में कई ग्रामीणों के बीमार होने और उनकी जान जाने का मामला है तो यह गंभीर है। गांव में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।- डॉ. विनीत शुक्ला, एडी हेल्थ, मुरादाबाद मंडल
मंगूपुरा शहर से लगा हुआ गांव है। यदि कोविड या किसी दूसरी बीमारी से पिछले 20-25 दिन में लगातार मौतें हुई हैं तो मामला जरूर संज्ञान में आता। ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांवों में सर्वेक्षण कर दवाओं की किट बांटने और टीकाकरण का काम कर रही हैं। उनके द्वारा भी ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि कोई व्यक्ति लगातार मौतें होने का दावा कर रहा है तो वह मृतकों की सूची तिथिवार उपलब्ध कराए उसकी जांच कराई जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर प्रशासन जरूरी कार्रवाई करेगा।- राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी।
बीस दिन में इन लोगों की हुई हैं मौतें
- 25 अप्रैल : मुन्नी देवी
- 26 अप्रैल : प्रेम
- 01 मई : विजय पाल कश्यप, कलावती, कृष्णा, अब्दुल रहमान
- 02 मई : जोकेश देवी
- 04 मई : चिरंजी
- 10 मई : वीर सिंह, उमराव, भूरी
- 11 मई : विजय पाल सिंह, सुनीता शर्मा, अब्दुल वहीद
- 12 मई : मंजू, पम्मी
- 13 मई : चईया, छोटी
- ग्रामीणों का कहना है कि पेंट का काम करने वाले शख्स और उनके बेटे ने भी बीमारी से इसी अवधि में जान गंवाई थी। कुछ समय पहले से ही गांव में बसने के कारण उनके नाम नहीं मालूम हैं।