सोमवार को महाशिवरात्रि के त्योहार पर शहरवासी भोले की भक्ति में डूबे रहे। रविवार रात से शुरू हुआ रुद्राभिषेक सोमवार दोपहर तक चला। वहीं, हरिद्वार और ब्रजघाट से कांवड़ लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं ने सुबह तड़के तीन बजे जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ की आराधना की। मंदिरों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। घंटों की गूंज के साथ बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्ति के रंग में रंग गया। दोपहर बाद तक जलाभिषेक होने के बाद शाम को भगवान का शृंगार और रात में महाआरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से ही घरों में पूजा के बाद श्रद्धालु मंदिरों में पूजा के लिए पहुंचे और परिजनों के स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को भगवान को भोग अर्पित कर व्रत को विश्राम दिया।
महाशिवरात्रि पर गंगाजल से जलाभिषेक करने के लिए कांवड़िये हरिद्वार और ब्रजघाट से रविवार दोपहर को ही आना शुरू हो गए थे। यह सिलसिला सोमवार दोपहर तक चला। ट्रैक्टर और मेटाडोर पर बड़े-बड़े साउंड सिस्टम पर बज रहे भोले के भजनों से वातावरण गुंजायमान हो गया। कांवड़ों पर तिरंगे और बीच-बीच में बज रहे देशभक्ति के गीत देशप्रेम का संदेश दे रहे थे।
शहर के प्रमुख मंदिर चौरासी घंटा मंदिर पर कांवड़ियों की भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार देर शाम से ही कावड़िए पहुंचने लगे थे। इसके कारण तड़के ही जलाभिषेक आरंभ कर दिया गया। भीड़ के कारण बैकुंठी कांवड़ लाने वाले कांवड़ियों ने अपनी कांवड़ें मंदिर के बाहर ही रोक दीं और सिर्फ गंगाजल लेकर ही प्रवेश किया। खड़ी कांवड़ लाने वालों ने सीधे शिवालय में प्रवेश किया। बिलारी, अगवानपुर, रामपुर, ठाकुरद्वारा आदि क्षेत्रों से आए कांवड़ियों ने भी जलाभिषेक किया। हवन के बाद महाआरती की गई और भगवान को भोग अर्पित किया।
झारखंडी बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ की वजह से पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही थी। रविवार रात को रुद्राभिषेक किया गया और इसके बाद कांवड़ चढ़ना शुरू हो गई थीं। शाम के समय भगवान का शृंगार कर महाआरती की और प्रसाद वितरित किया गया। प्राचीन शिव मंदिर झांझनपुर में मंत्रोच्चारण के साथ कांवड़ियों ने गंगाजल से जलाभिषेक किया। इसके बाद विधि विधान से हवन-पूजन हुआ। भंडारे में प्रसाद वितरित किया गया।
रेलवे कालोनी स्थित मनोकामना मंदिर को फूलों और गुब्बारों से सजाया गया था। सुबह से ही जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। मंदिर के बाहर पूजा सामग्री की दुकानें लगने से मेले जैसा माहौल बना रहा। साथ ही फल और पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया।
रामगंगा विहार स्थित श्री शिवहरि मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक मुख्य पुजारी महंत नारायण दत्त जोशी ने मंत्रोच्चारण के साथ विधि विधान से करवाया। भोले के पूजन के लिए सुबह से शुरू हुई भक्तों की कतार दोपहर एक बजे तक लगी रही। फल और पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान रामऔतार गुप्ता, मुकेश गुप्ता, संजय पाठक आदि मौजूद रहे।
श्री बिहारों मंदिर कंजरी सराय में महाशिवरात्रि महोत्सव पर आचार्य धीरशांत दास ने कहा कि शिव यानि मंगल या कल्याणकारी, शंकर, शंभू, महादेव, महेश, रुद्र आदि नामों से भी पुकारे जाने वाले आदिदेव इस भौतिक जगत के नियंता भी हैं। इस दौरान रानी वर्मा, सुनीता गुप्ता, वंदना वर्धन आदि रहे।
श्री शिव मंदिर सागर सराय में महिला मंडल ने श्री शिव पुराण पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान वेदबाला गुप्ता, शशि मलिक, मनोरमा गुप्ता आदि रहे। लाइनपार स्थित माता मंदिर, खुशहालपुर रोड स्थित ऋणमुक्तेश्वर मंदिर, गंगा मंदिर, सीताराम मंदिर, शिव मंदिर बंगला गांव आदि में भी श्रद्धालु दिनभर पहुंचते रहे। प्रमुख मंदिरों तक जाने वाले रास्ते पर वाहनों को पहले ही रोक दिया गया था। कांवड़ियों और पैदल ही लोगों को मंदिर जाने दिया गया। मंदिरों के पास बेल, भांग, धतूरे आदि की दुकानें लगने से मेले जैसा माहौल रहा।