पुलिस क्षेत्राधिकारी ने परीक्षा केंद्र के प्रबंधक का नंबर जुटाया और छात्रा की फीस जमा करने की इच्छा जाहिर कर सहयोग मांगा। सीओ की कॉल पर प्रबंधक ने न सिर्फ फीस माफ कर छात्रा को परीक्षा दिलाई, बल्कि स्नातककी पढ़ाई का जिम्मा भी उठाया। छात्रा के प्रति पुलिस अधिकारी और प्रधानाचार्य की मदद की सभी ने सराहना की है।
यूपी बोर्ड परीक्षा की इंटरमीडिएट की छात्रा ने बुधवार की रात नौ बजे सीओ को कॉल कर मदद की गुहार लगाई। कहा, सर लॉकडाउन के बाद से स्कूल फीस जमा नहीं करने पर प्रवेश पत्र नहीं मिला। बृहस्पतिवार को दो बजे से परीक्षा है। पढ़ाई से वंचित रह जाऊंगी। प्लीज हेल्प मी।
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पुलिस क्षेत्राधिकारी ने परीक्षा केंद्र के प्रबंधक का नंबर जुटाया और छात्रा की फीस जमा करने की इच्छा जाहिर कर सहयोग मांगा। सीओ की कॉल पर प्रबंधक ने न सिर्फ फीस माफ कर छात्रा को परीक्षा दिलाई, बल्कि स्नातककी पढ़ाई का जिम्मा भी उठाया। छात्रा के प्रति पुलिस अधिकारी और प्रधानाचार्य की मदद की सभी ने सराहना की है।
तहसील के ग्राम असलेमपुर निवासी इंटरमीडिएट की छात्रा निशा के पिता कोतवाली में चौकीदार हैं। लॉकडाउन के बाद परिवार तंगी के हालात से गुजर रहा है। इसकी वजह से निशा की स्कूल फीस भी जमा नहीं हो सकी। इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र लेने पहुंची छात्रा से स्कूल में फीस की मांग की गई। वह मायूस होकर घर लौट आई। घर पर फीस के लिए पैसा नहीं था। परीक्षा छूटना तय हो चुका था।
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बृहस्पतिवार से परीक्षा प्रारंभ होनी थी, लिहाजा बुधवार की रात करीब नौ बजे मदद की आस लेकर निशा ने सीओ अनूप सिंह को फोन मिला दिया। सीओ ने न सिर्फ निशा की समस्या सुनी बल्कि मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद परीक्षा केंद्र बीएस इंटर कॉलेज कुआखेड़ा खालसा के प्रबंधक एवं कृषक इंटर कॉलेज शरीफ नगर के प्रधानाचार्य डॉ. बलराम सिंह को कॉल कर अपनी ओर से फीस जमा करने की इच्छा जाहिर की, लेकिन डॉ. बलराम सिंह ने छात्रा की मदद कर बृहस्पतिवार को परीक्षा दिलाई।
सीओ ने गरीब छात्रा की आगे की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग का वादा किया है तो दूसरी तरफ डॉ. बलराम सिंह ने भी इंटरमीडिएट के बाद छात्रा को अपने कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई निशुल्क कराने की घोषणा की है। एक पुलिस अधिकारी और एक प्रधानाचार्य के छात्रा के हित में उठाए कदम की सभी ने प्रशंसा की है।