मुरादाबाद। जिले के दो लाख से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्हें मार्च माह के प्रथम चक्र का मिलने वाला मुफ्त खाद्यान्न नहीं मिल सका है। इसकी वजह यह है कि खाद्यान्न के साथ मिलने वाला मुफ्त नमक, रिफाइंड और साबुत चना अधिकांश कोटेदारों को नहीं मिल सका है। जिसके कारण वह खाद्यान्न का वितरण नहीं कर पा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि चना अधिकांश कोटेदारों को उपलब्ध करा दिया गया है। करीब 15-20 फीसदी कोटेदारों को नमक और रिफाइंड की खेम अभी नहीं मिल सकी है, जो शीघ्र उपलब्ध करा दी जाएगी।
जिले में 5.50 लाख राशनकार्ड धारक उपभोक्ता हैं। इसमें से 30090 अंत्योदय राशनकार्ड धारक हैं तथा शेष पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक। शासन के निर्देश पर मार्च माह में इन सभी राशनकार्ड उपभोक्ताओं को खाद्यान्न के साथ-साथ एक किलो साबुत चना, एक किलो नमक तथा एक किलो रिफाइंड आयल का भी मुफ्त वितरण किया जाना है। मार्च माह के प्रथम चक्र का यह वितरण पहले 18 मार्च तक किया जाना था। लेकिन नैफेड द्वारा कोटेदारों को नमक, रिफाइंड आयल और साबुत चना पूरी मात्रा में उपलब्ध नहीं कराया सका। लिहाजा 18 मार्च तक 15 से 20 फीसदी उपभोक्ताओं को ही इसका वितरण किया जा सका। इसके बाद वितरण की तिथि बढ़ाकर 23 मार्च की गई, लेकिन इस अवधि में भी काफी कोटेदार ऐसे थे जिनमें से किसी के पास नमक नहीं पहुंचा था तो किसी के पास चना और रिफाइंड। इसके चलते करीब 45-50 फीसदी उपभोक्ताओं को ही खाद्यान्न वितरण हो सका था।
इसके चलते कोटेदार वितरण को लेकर तो उपभोक्ता खाद्यान्न प्राप्त करने को लेकर परेशान रहे। जिले में 1200 कोटेदार हैं जिनमें से चार दिन पहले तक 700 से अधिक कोटेदारों के पास पूरी मात्रा में वितरण सामग्री नहीं पहुंच सकी थी। इस पर उत्तर प्रदेश गल्ला विक्रेता परिषद के जिलाध्यक्ष अरुण माथुर ने कोटेदारों की ओर से खाद्य आयुक्त को एक ज्ञापन डीएम के माध्यम से भेजकर वितरण तिथि बढ़ाने की मांग की थी। एक दिन पहले ही शासन ने वितरण की तिथि बढ़ाकर 28 मार्च कर दी है। लेकिन अभी भी 15-20 फीसदी कोटेदार ऐसे हैं जिनके पास आयोडाइज्ड नमक तथा रिफाइंड वितरण के लिए नहीं पहुंच सका है। इसके अलावा एक से दो फीसदी कोटेदारों के पास साबुत चना भी नहीं पहुंच सका है। पीओएस सिस्टम से उपभोक्ताओं को तभी खाद्यान्न सामग्री का वितरण किया जा सकेगा जब सभी वितरण सामग्री उसमें लोड की जा सके। यही वजह है कि अभी तक जिले में बमुश्किल 50 से 55 फीसदी कोटेदारों को ही खाद्यान्न का वितरण किया जा सका है। ऐसे में सभी उपभोक्ताओं को 28 मार्च तक मुफ्त खाद्यान्न मिल पाना मुश्किल लग रहा है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि वह इस अवधि में वितरण कार्य पूर्ण कर लेंगे।
आयोडाइज्ड चना नागपुर से, रिफाइंड और नमक गुजरात से वितरण के लिए यहां आ रहा है। नैफेड यह सामग्री उपलब्ध करा रहा है। नमक 99 फीसदी तथा रिफाइंड व साबुत चना 85-90 फीसदी तक जिले में पहुंच गया है। जिन्हें वितरण के लिए कोटेदारों तक पहुंचाया जा रहा है। जल्द ही संपूर्ण सामग्री कोटेदारों तक पहुंचा दी जाएगी। विभाग का प्रयास होगा कि 28 मार्च तक पहले चक्र का संपूर्ण वितरण कार्य पूर्ण हो जाए।
अजय प्रताप सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी