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बिना काम कराए कर दिया 16 करोड़ का भुगतान : रितेश गुप्ता

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मुरादाबाद। नगर निगम के जलकल विभाग पर दो साल पहले करीब 16 करोड़ रुपये का भुगतान बिना धरातल पर कार्य कराए कर देने तथा रकम का अधिकारियों व ठेकेदारों में बंदरबांट करने का मामला सामने आया है। यह आरोप हम नहीं लगा रहे हैं, बल्कि सत्तापक्ष के शहर विधायक रितेश गुप्ता के हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री व कमिश्नर को पत्र लिख कर की है। शहर विधायक के इस पत्र के बाद से नगर निगम प्रशासन में हड़कंप है।
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शहर विधायक का कहना है कि 27 अप्रैल 2018 को नगर निगम के विभिन्न वार्डों में जलापूर्ति के लिए ई-टेंडरिंग के माध्यम से निविदा निकाली गईं थीं। लेकिन धरातल पर यह कार्य नहीं किए गए। उसका भुगतान कर दिया गया। वर्ष 2019-20 में 16 करोड़ रुपये के कार्य जलकल विभाग के द्वारा बिना टेंडर की प्रक्रिया को अपनाए कोटेशन के आधार पर अधिकारियों ने भुगतान चहेते ठेकेदारों को कर दिया। कुछ स्थानों पर एक ही कार्य को फर्जी तरीके से नाम बदल कर तथा उन्हें अन्य मदों से पूर्ण दिखाकर दो से तीन बार तक भुगतान करने का भी आरोप लगाया है। विधायक ने मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री व मंडलायुक्त को पत्र लिख कर मामले की जांच कराने और दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शहर विधायक का नगर निगम के जल कल विभाग में बिना कार्य के भुगतान की शिकायत का पत्र मिला है। मैंने उसमें नगर आयुक्त से तीन दिन में पूरे मामले की जांच कराकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। नगर आयुक्त की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त
मामला वर्ष 2018 का है। मैंने वर्ष 2019 में ज्वाइन किया। उस समय बिना कार्य के करीब 16 करोड़ रुपये के भुगतान के प्रयास किए जाने का मामला मेरे सामने आया था। मैंने कमेटी गठित कर जांच कराई थी। जो कार्य नहीं कराए गए थे, उनके वर्कऑर्डर कैंसल कर दिए गए थे। जितनी भी अनियमित पत्रावलियां थीं, उनके भुगतान रोक दिए गए थे। शहर विधायक अगर कोई नया मामला बता रहे हैं तो उसकी भी जांच करा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संजय चौहान, नगर आयुक्त
नगर निगम के जल विभाग में काफी अनियमितता बरती गई है। शहर के कई वार्ड ऐसे हैं, जहां बिना कोई कार्य कराए भुगतान किया गया है। निगम के अधिकारियों द्वारा कुछ चहेते ठेकेदारों को पुराने मामले में भी हाल ही में कुछ भुगतान की शिकायत भी मिली है। प्रशासन जब पूरे मामले की जांच करेगा तो काफी घपला उजागर हो जाएगा।
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रितेश गुप्ता, शहर विधायक
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