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थाने पहुंचा डीपीएस विवाद, अभिभावकों और स्टाफ के बीच हुई नोकझोंक, हंगामा

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मझौला थाने में डीपीएस स्कूल के खिलाफ पहुंचे अभिभावक। संवाद - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। दिल्ली पब्लिक स्कूल में बच्चों को यातायात सुविधा नहीं उपलब्ध कराने और नए प्रवेश नहीं लेने का विवाद मझोला थाने तक पहुंच गया है। थाने में अभिभावकों ने स्कूल की फ्रेंचाइजी की जांच की भी मांग उठाते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने मैनेजमेंट कमेटी के सभी सदस्यों को शनिवार को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया है। थाने में भी डीपीएस के स्टाफ और अभिभावकों के बीच नोकझोंक हुई। काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
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वहीं प्रधानाचार्य सुदर्शन सोनार ने बार-बार मैनेजमेंट को पत्र लिखने के बावजूद सुविधाएं सुचारु न होने की बात कही है। साथ ही फ्रेंचाइजी के विषय में जानकारी नहीं होना बताया है। बृहस्पतिवार को भारी संख्या में अभिभावकों ने डीपीएस द्वारा नए सत्र में दाखिले न लेने और यातायात सुविधा न दिए जाने पर हंगामा किया था। शुक्रवार सुबह फिर से तकरीबन साढ़े आठ बजे 100 से ज्यादा अभिभावक दिल्ली पब्लिक स्कूल पहुंचे। वहां उन्होंने अपने सवालों का जवाब न मिलने पर हंगामा शुरू कर दिया।
जब कोई बात बनती दिखाई नहीं तो अभिभावकों ने 112 पीआरवी को कॉल कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची और अभिभावकों, स्कूल के प्रधानाचार्य को थाने ले गई। वहां अभिभावकों ने पुलिस को पूरी बात बताई और प्रधानाचार्य, मैनेजमेंट के खिलाफ लिखित तहरीर दी। पुलिस ने अभिभावकों को जांच के आधार पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत कराया और वापस भेज दिया।
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देवेश, सुमित रस्तोगी, असगर अली, रोहित अग्रवाल, दीपक अरोरा समेत 25 से ज्यादा अभिभावकों ने तहरीर पर हस्ताक्षर किए हैं। उनका कहना है कि जब तक स्कूल की फ्रेंचाइजी समाप्त होने की जांच नहीं होती और स्थिति स्पष्ट नहीं होती। तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।
मामले में डीआईओएस डॉ. अरुण कुमार दुबे का कहना है कि अभी तक किसी अभिभावक की शिकायत नहीं आई है। मामले को दिखवाया जाएगा।
मैनेजमेंट की खामोशी दे रही मामले को तूल
मुरादाबाद। मैनेजमेंट कमेटी में पांच सदस्य हैं। पांचों में से कोई भी फोन कॉल का उत्तर नहीं दे रहे हैं। रविवार को कई अभिभावकों ने मैनेजमेंट से फोन पर बात करने का प्रयास किया लेकिन कॉल नहीं उठा। इसके चलते अभिभावकों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि स्कूल की फ्रेंचाइजी समाप्त नहीं हुई है तो मैनेजमेंट खामोश क्यों है। कुछ अभिभावक आनलाइन पोर्टल पर डीपीएस की उपस्थिति न होने का भी आरोप लगा रहे हैं। मैनेजमेंट की खामोशी मामले को तूल दे रही है। मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों को अभिभावकों के साथ सही जानकारी साझा करनी चाहिए।
अभिभावकों की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। पूछताछ के लिए मैनेजमेंट कमेटी के सभी सदस्यों को बुलाया गया है। विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। मामले की जांच कराई जाएगी। जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई होगी।
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- सागर जैन, एएसपी
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