मुरादाबाद। पंचायत भवन के जिगर मंच प्रांगण में लगे भव्य पंडाल में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में 133 मुस्लिम तथा 169 हिंदू जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस दौरान मंडलायुक्त, डीआईजी, डीएम समेत कई अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंच कर नवदंपती को फूलों, फलों व सदा खुश रहो का आशीर्वाद प्रदान किया।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर आयोजित इस सामूहिक विवाह को लेकर जिगर मंच प्रांगण पर भव्य पंडाल लगा सजावट की गई थी। पंडाल के एक हिस्से में हिंदू जोड़ों के विवाह के लिए हवन कुंड बनाए गए थे। प्रत्येक हवन कुंड पर चार जोड़ों को बैठाया गया था। पंडाल के दूसरी तरफ मुस्लिम जोड़ों के निकाह की व्यवस्था की गई थी। समारोह में गायत्री परिवार के मंत्रोच्चार के बीच 169 हिंदू जोड़े सात फेरे लेकर जहां आजीवन एक दूजे का साथ निभाने की कसम खाई, वहीं 133 मुस्लिम जोड़ों ने भी एक दूसरे को काजी की मौजूदगी में खुदा को हाजिर नाजिर मान कर कुबूल किया। मुस्लिम जोड़ों को मौलाना मोहम्मद यूसुफ, मौलवी मोहम्मद अबदुल्ला, मौलाना फारूख, मौलवी हबीबुर्रहमान, मौलाना रिजवान समेत आठ मौलानाओं ने निकाह पढ़ाया।
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह, मेयर विनोद कुमार अग्रवाल, मंडलायुक्त आंजनेय सिंह, डीआईजी शलभ माथुर, जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, एसएसपी बबलू कुमार, नगर आयुक्त संजय चौैहान, अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने पहुंच कर नवदंपतियों के खुशहाल जीवन की कामना की।
चंद दूल्हा-दुल्हन का ही हो सका श्रंगार
मुरादाबाद। सामूहिक विवाह समारोह में पहली बार दूल्हा-दूल्हन के श्रृंगार के लिए ब्यूटीशियन की व्यवस्था नगर निगम ने की थी। शुरू में चंद दुल्हा-दूल्हन का श्रृंगार करने के बाद ब्यूटीशियन अपना सामान समेट कर चलते बने। इसके चलते तमाम दंपति अपना श्रृंगार नहीं करा सके। इसके बाद इनके खाली पड़े पंडाल में नगर निगम के कर्मचारी कुर्सी पर बैठ कर कार्यक्रम की व्यवस्था देखते रहे।
पंजीकरण काउंटर पर लगी रही लंबी लाइन
मुरादाबाद। हिंदू और मुस्लिम जोड़ों के लिए अलग-अलग दो पंजीकरण काउंटर बनाए गए थे। इन काउंटरों पर पंजीकरण काफी धीमी गति से चल रहा था। लिहाजा सुबह से 12.30 बजे तक पंजीकरण काउंटर पर भीड़ लगी रही।
जांच के नाम पर की गई फार्मेल्टी, दंपति रहे चुप साथी बताते रहे नाम-पता
मुरादाबाद। सामूहिक विवाह, निकाह समारोह में विवाह के लिए पहुंचे दंपतियों की जांच में फार्मेल्टी की गई। चाहे पंजीकरण काउंटर रहा हो अथवा विवाह/निकाह के दौरान परिचय पूछने पर तमाम दंपती चुप्पी साधे रहे। उनके साथ मौजूद लोग उनका नाम व पता बताते रहे।
नगर निगम व समाज कल्याण विभाग का दावा रहा है कि विवाह में शामिल होने वाले वर वधू का पंजीकरण करने के साथ उनकी जांच पड़ताल की जा चुकी है। हालांकि पंजीकरण काउंटर पर सुबह लगने वाली भीड़ ने ही इन दावों को झुठला दिया। यह हाल तब रहा जब पंजीकरण काउंटर पर भी लाभार्थी व उसके अभिलेख सत्यापन के नाम पर खानापूर्ति की गई। पंजीकरण काउंटर पर न तो किसी दंपती का आधारकार्ड देखा गया और न ही नाम व पता सत्यापन वाला कोई अन्य अभिलेख। लाभार्थी अथवा उसके किसी सगे संबंधी का मोबाइल नंबर। यह सभी कमियां लाभार्थियों के चयन में खामी को ही दर्शा रहीं थीं, जिसके चलते लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल निशान लगने लगा है।