कत्ल के एक मामले की मूल पत्रावली गुम होने के मामले में विवेचक ने हाईकोर्ट के आदेश पर मुरादाबाद के तत्कालीन डीएम आर रमेश कुमार और एसएसपी आरके विश्वकर्मा को मुल्जिम बनाया है।
आईएएस आर रमेश कुमार इन दिनों तमिलनाडु में चेन्नई स्थित काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट मिनिस्ट्री ऑफ कामर्स में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं जबकि आरके विश्वकर्मा लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाओं के पद पर तैनात हैं।
स्टेट बनाम रईस थाना मूंढापांडे धारा 302 आईपीसी में अपील पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति धर्मिधर झा और न्यायमूर्ति पंकज नकवी ने न्यायिक रिकॉर्ड खोने को बेहद गंभीरता से लिया है।
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19 नवंबर 2013 को हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए पत्रावली खोने से संबंधित मुकदमे (धारा 409 आईपीसी, सिविल लाइंस) की विवेचना कर रहे सीओ चंदौसी राजेंद्र पाल सिंह को प्रोग्रेस रिपोर्ट समेत तलब किया था।
25 नवंबर को सीओ कोर्ट में हाजिर हुए लेकिन हाईकोर्ट मुकदमे की प्रोग्रेस रिपोर्ट से नाराज था। दोनों जजों ने कहा कि पत्रावली खोने से संबंधित मुकदमे की प्रोग्रेस से हम कतई संतुष्ट नहीं हैं।
कड़ा रुख अख्तियार करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में तत्कालीन डीएम और एसएसपी को अभियुक्त बनाया जाए और 18 दिसंबर तक इस आदेश का पालन करके हाईकोर्ट को अवगत कराया जाए।
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विवेचक सीओ राजेंद्र पाल सिंह ने 17 दिसंबर को इस बाबत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शाजिया नजर जैदी की अदालत में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तत्कालीन डीएम और एसएसपी को अभियुक्त बनाने की अनुमति मांगी।
सीजेएम ने 17 दिसंबर को तत्कालीन डीएम और एसएसपी को धारा 409 के मुकदमे में अभियुक्त बनाने की अनुमति देने के साथ रिपोर्ट हाईकोर्ट के सेक्शन आफिसर अपील सेक्शन को भेज दी है।