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सांसद बनने को मचल रहे हैं यूपी के कई विधायक

Fri, 03 May 2013 01:18 PM IST
अखिलेश वाजपेयी/लखनऊ
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लोकसभा चुनाव की आहट शुरू होते ही कुछ विधायकों का दिल सांसद बनने के लिए मचलने लगा है। इनमें एक या दो दल के विधायक नहीं है, बल्कि हर दल के विधायक शामिल हैं। कुछ के कम तो कुछ के ज्यादा।
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पुराने विधायक ही नहीं बल्कि कुछ ऐसे विधायक भी हैं जो पहली बार ही जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। पर, दिल है कि मानता नहीं इसलिए विधायकी का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही दिल्ली के लिए भी हाथ आजमा लेना चाहते हैं।

उमा भारती व कलराज मिश्र जैसे कुछ नेता भी लोकसभा चुनाव की जोड़तोड़ में जुटे हैं क्योंकि इन्हें यूपी की विधानसभा में बैठने से दिल्ली में अपने समकक्षों से पिछड़ जाने का खतरा लगने लगा है।
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हुकुम सिंह जैसे कुछ वरिष्ठ विधायक भी जो अब यूपी की विधायकी से ऊब चुके हैं, दिल्ली जाने के लिए हाथ-पैर चला रहे हैं।

कुछ विधायक ऐसे भी हैं जो खुद नहीं बल्कि नेतृत्व की इच्छा या स्थानीय समीकरण के चलते पार्टी के फैसले पर चुनाव लड़ रहे हैं।

भाजपा सबसे आगे

एक मजेदार बात दिख रही है। भाजपा भले ही राजनीतिक तौर पर यूपी में संकट का सामना कर रही हो। चुनावी संभावनाओं के लिहाज से मुश्किलों से जूझ रही हो। पर, सांसद बनने को मचलने वालों में सबसे ज्यादा विधायक भाजपा में ही दिख रहे हैं।

पार्टी के 47 विधायक हैं और इनमें कम से कम 20 लोकसभा टिकट के दावेदार हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ के नाम तो दिसंबर में तैयार किए जा चुके पैनल में भी शामिल हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जो पिछला चुनाव लड़ चुके हैं। पर, इस बार फिर दावेदार हैं।

कलराज मिश्र लखनऊ के पूर्व क्षेत्र से विधायक हैं। पर, उनका लखनऊ में मन नहीं लग रहा है। वह लखनऊ, कानपुर या वाराणसी में कहीं से लोकसभा का चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।

मध्यप्रदेश से यूपी में भाजपा की नैया पार लगाने आई उमा भारती इस समय महोबा के चरखारी से पार्टी की विधायक हैं। पर, उमा का मन भी लखनऊ में रम नहीं रहा है। उनके अमरोहा या उन्नाव में किसी जगह से लोकसभा के लिए हाथ आजमाने की चर्चा है।

कौन कहां से दावेदार

जानकारी के मुताबिक, भाजपा विधान मंडल दल नेता हुकुम सिंह कैराना से लोकसभा चुनाव में एक बार फिर हाथ आजमाना चाहते हैं। वह लोकसभा का पिछला चुनाव भी इसी सीट से लड़े थे।

विधान मंडल दल के उप नेता सतीश महाना भी लोकसभा चुनाव लड़ने के दावेदारों में शामिल हैं। वह कानपुर से टिकट मांग रहे हैं, पिछला चुनाव भी वह यहीं से लड़े थे।

कानपुर के गोविंदनगर से विधायक सत्यदेव पचौरी भी लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। नोएडा से विधायक डा. महेश शर्मा पिछला चुनाव गौतमबुद्धनगर से लड़े थे। वह इस बार फिर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।

रुदौली से भाजपा के विधायक रामचंद्र यादव फैजाबाद से दावेदारी कर रहे हैं तो जौनपुर के मोगरा बादशाहपुर से विधायक सीमा द्विवेदी के भी जौनपुर से टिकट मांगने की चर्चा है।

हमीरपुर से विधायक साध्वी निरंजन ज्योति लोकसभा में इसी सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं। झांसी से विधायक रवि शर्मा, झांसी से ही लोकसभा का टिकट चाह रहे हैं।

बहराइच की बलहा सीट से विधायक सावित्री फूले बहराइच से टिकट की दावेदार हैं। इनमें फूले, निरंजन ज्योति, डा. महेश शर्मा पहली बार विधायक चुने गए हैं।

गैर भाजपा दलों में कौन कहां से

समाजवादी पार्टी ने टिकटों की घोषणा कर दी है। नेतृत्व की इच्छा पर विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय डुमरियागंज से, गोरखपुर के पिपराइच से विधायक राजमती निषाद को गोरखपुर से, लोक निर्माण राज्यमंत्री सुरेन्द्र पटेल वाराणसी से, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री शाहिद मंजूर मेरठ से चुनाव लड़ने वाले हैं।

इसके अलावा विधान परिषद सदस्य बलराम यादव को आजमगढ़ से टिकट दिया गया है। बसपा में महसी से विधायक केके ओझा केसरगंज से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।

बसपा से ही विधान परिषद सदस्य मुकुल उपाध्याय गाजियाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। आजमगढ़ के मुबारकपुर से विधायक शाह आलम गुड्डू जमाली आजमगढ़ से चुनाव लड़ने के इच्छुक बताए जाते हैं।

कांग्रेस में लखनऊ से लोकसभा का पिछला चुनाव लड़ चुकी रीता बहुगुणा जोशी इस समय कैंट से विधायक हैं। उनके इस बार भी चुनाव लड़ने की चर्चा है। विवेक सिंह हमीरपुर से लोकसभा चुनाव में हाथ आजमाने के इच्छुक हैं।

अखिलेश प्रताप सिंह देवरिया से चुनाव लड़ने की दौड़ में शामिल बताए जाते हैं। अखिलेश भी पहली बार के विधायक हैं। इसके अलावा कांग्रेस से विधायक अनुग्रहनारायण सिंह, ललितेश पति त्रिपाठी, मुकेश श्रीवास्तव के क्रमश: फूलपुर, मिर्जापुर या चंदौली और केसरगंज से चुनाव लड़ने की चर्चा है।
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