मिर्जापुर। कोरोना संक्रमण के बीच विंध्याचल धाम में 17 अक्तूबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र के अघोषित मेले की जोर शोर से तैयारी चल रही है। कोरोना संक्रमण के चलते कई मायनों में इस बार का मेला अलग होगा। जहां श्रद्धालु, माता का चरण स्पर्श नहीं कर सकेंगे। तो वहीं गर्भ गृह व निकास द्वार से प्रवेश प्रतिबंधित होगा। मास्क और सोशल डिस्टेििसिंग के साथ ही लोग दर्शन पूजन कर सकेंगे। इन मुद्दों के साथ ही मेला को लेकर तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल की अध्यक्षता में विंध्याचल स्थित प्रशासनिक भवन में एक बैठक गुरुवार को आयोजित हुई। इसमें मेला की तैयारियों की समीक्षा की गई।
इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा के साथ तीनों मंदिरों के दर्शन हो सके इसके लिये पूरे क्षेत्र को आठ जोन 18 सेक्टरों में विभाजित कर अधिकारियों की ड्यूटी लगायी गयी है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये मॉं विन्ध्यवासिनी देवी के दर्शन के लिये सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा इसके लिये मंदिर तक जाने वाले मार्गों पर बैरीकेडिंग के साथ निर्धारित दूरी पर गोला बनाया गया है जिसमें से होकर श्रद्धालुगण मंदिर तक जाएंगे। जिलाधिकारी व प्रभारी पुलिस अधीक्षक ने गंगा घाटों मंदिर व गलियों में भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा भी लिया। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह के द्वारा जिलाधिकारी को मेला की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट जगदम्बा सिंह, क्षेत्राधिकारी सिटी अजय कुमार राय, पण्डा समाज के अध्यक्ष पंकज द्धिवेदी, अवनीश मिश्रा, अधिशासी अभियंता विद्युत मनोज कुमार यादव उपस्थित रहे।
सूचना विभाग की ओर से लगाए गए पोस्टर
जिला सूचना विभाग के द्वारा भी कोरोना के प्रति जागरूकता व बचाव के प्रचार-प्रसार के लिये व्यवस्था की जा रही है। इस अवसर पर जिला सूचना अधिकाुी ओम प्रकाश उपाध्याया के द्वारा कोरोना जागरूकता के लिये रेस्टोंरंट प्रमुख दुकानों, होटलों, मंदिर जाने वाले मार्गों तथा मंदिर परिसर में पोस्टर लगाये जा रहे हैं।
14 टैंकर व अस्थाई पाइपलाइन से मिलेगा शुद्ध पेयजल
जिलाधिकारी ने बताया कि शुद्ध पेयजल के लिए विन्ध्याचल, अष्टभुजा व कालीेखोह क्षेत्र के सभी हैंडपम्पों की मरम्म्त, रीबोर करा दिये गया है। इसके अलावा पाइप लाइन के द्वारा अस्थाई रूप से भी पेयजल की व्यवस्व्था के लिए टोटियां लगा दी गयी है। पेयजल हेतु जल निगम के द्वारा छह तथा नगर पालिका द्वारा 14 स्थलों पर टैंकरों की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने यह भी बताया कि बाहर से आने वाले गाड़ियों के रोकने के लिये 12 पार्किंग स्थल तथा 24 स्थलों पर बैरियर लगगाये गये हैं। यात्रियों को सस्ता भोजन मिल सके इसके लिये जिला पूर्ति कार्यालय के द्वारा कई स्थानों पर सस्ते दाम में पूडी सब्जी के स्टाल लगाये जाएंगे।
24 घंटे रहेगी बिजली
जिलाधिकारी ने बताया कि विन्ध्याचल के गलियों, सडकों तथा गंगा के घाटों पर पर्याप्त प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था की गयी है बिजली की अनवरत 24 घंटे आपूर्ति रहेगी। इसी प्रकार अष्टभुजा तथा कालीखोह व त्रिकोर्ण मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गयी है। बिजली व्यवस्था बनाये रखने के लिये तीन अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य शिविर व एंबुलेंस की व्यवस्था
स्वास्थ्य शिविर लगाये जाएंगे तथा तीन एम्बूलेन्स की व्यवस्था की गयी है। सफाई व्यवस्था के लिये विन्ध्याचल क्षेत्र के अन्दर नगर पालिका तथा नगर पालिका क्षेत्र के बाहर जिला पंचायत राज अधिकारी के द्वारा पर्याप्त मात्रा में सफाई कर्मियों की व्यवस्था की गयी है। पूरे नवरात्र तक अनवरत 24 घंटे सफाई व्यवस्था के लिये शिफ्टवार सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगायी गयी है।
गंगा में मोटरबोट व तैनात रहेगी एनडीआरएफ की टीम
गंगा के चार घाटों पर बैरिकेडिंग के साथ ही वस्त्र बदलने के लिए 35 स्थान बनाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा के दृष्टिगत दो मोटर वोट तथा अतिरिक्त नावों व गोताखोर के अलावा एनडीआरएफ की टीम भी रहेगी। खाद्य पदार्थों के सघन जांच के लिये खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को लगाया गया है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध खाद्य सामग्री व फल सब्जी मिल सके।
दो हजार से ज्यादा सब इंस्पेक्टर संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी
प्रभारी पुलिस अधीक्षक/अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिये स्थानीय पुलिस बल व पीएसी के अलावा 10 जनपदों से पुलिस बल की मांग की गयी है। इसमें बाहर से आने वाले 1400 सिपाही, 16 इंस्पेक्टर, 202 सब इस्पेक्टर, आठ डीएसपी तथा एक अपर पुलिस अधीक्षक नवरात्र व्यवस्था के लिये शुक्रवार तक आ जाएंगे। मानीटरिंग की जिम्मेदारी एसपी सिटी की होगी। साथ ही पांच प्लाटून पीएसी भी लगाई गई है। उन्होंने लोगों से अपील भी किया कि यह नवरात्र कोरोना काल में हो रहा है यदि बहुत आवश्यकता न हो तो न आये फिर भी नवरात्र में मां का दर्शन पूजन करने लोग आते हैं उसके लिये पूरी व्यवस्था की गयी है।