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ट्रेन के आगे कूदी पत्नी, बचाने में पति की भी गई जान

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थाना क्षेत्र के यादवपुरा नई बस्ती के सामने अप लाइन पर बृहस्पतिवार की सुबह पांच बजे मालगाड़ी से कटकर दंपती की मौत हो गई। चश्मदीद के मुताबिक पहले पत्नी ट्रेन के आगे कूदी, उसे बचाने गया पति भी चपेट में आ गया। स्टेशन मास्टर की सूचना पर पहुंची पुलिस ट्रैक से शव को हटवाकर छानबीन में जुट गई। परिजनों के मुुताबिक पति कुछ दिन पहले ठगी का शिकार हुआ था। हो सकता है उसी के चलते हुए विवाद में दोनों ने जान दे दिया।
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क्षेत्र के यादवपुर नई बस्ती के पास सुबह पांच बजे अप लाइन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से दंपती की मौत हो गई। ट्रेन से कटकर दो लोगों की मौत से मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची जिगना पुलिस ने शव को ट्रैक से हटवाकर शिनाख्त कराया। दोनों की शिनाख्त नेगुरातेज सिंह गांव निवासी ओमप्रकाश उर्फ पवन (30) पुत्र लक्षनधारी और उसकी पत्नी कंचन देवी (28) के रुप में हुई। ओम प्रकाश तीन भाईयों में सबसे छोटा था। दिल्ली में रह कर नौकरी करता था। लाकडाउन में घर आया था। दंपती को तीन बच्चे सुभाष (7), खुशी (5) अमन (3) है। रेलवे स्टेशन पर मौजूद चश्मदीद के मुताबिक सुबह पहले महिला आई और ट्रेन के आगे कूदी, उसे बचाने में उसका पति ट्रैक पर आया। इससे दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। दोनों ने ट्रेन के आगे कूद कर जान क्यों दी इस बारे में परिवार के लोग स्पष्ट नहीं बता सके। परिजनों ने ये जरुर बताया कि ओम प्रकाश बीते दिनों ठगी का शिकार हुआ था। मोबाइल पर सस्ते दाम पर ट्रैक्टर खरीदने का मैसेज आने पर परिवार से पैसा लेकर दिया था। हो सकता है इस बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद हुआ हो। जिसकेे बाद दोनों ट्रैक के आगे कूदे हो। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की छानबीन में जुट गई है।
ट्रेन से कट कर मौत गले लगाने वाले ओमप्रकाश ऊर्फ पवन नया ट्रैक्टर लेने के चक्कर में ठगी का शिकार हुआ था। हो इसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद हुआ हो। मृतक ओम प्रकाश पिता लक्षनधारी पर ट्रैक्टर खरीदने के लिए पैसा मांगा था। मृतक के पिता ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर एक लाख 20 हजार रुपये दिया था। बुधवार को भी 20 हजार दिया था। ओम प्रकाश ने कहा था कि बुधवार की शाम तक ट्रैक्टर घर आ जाएगा , लेकिन ट्रैक्टर नहीं आया। एक लाख 37 हजार का भुगतान भी कर दिया था, इसके बाद भी ट्रैक्टर नहीं आया। मृतक के पिता लक्षनधारी के अनुसार ओमप्रकाश के मोबाइल पर एक सप्ताह पूर्व सूचना आया था कि एक लाख रुपये में नया ट्रैक्टर मिल जाएगा। पैसो भेजने के लिए एक खाता संख्या बताया गया था। उस खाते में ओम प्रकाश दो से तीन बार में एक लाख 37 हजार रुपये भेज दिया था। बुधवार से ट्रैक्टर देने वाली पार्टी ने मोबाइल बंद कर दिया और ट्रैक्टर भी नहीं आया। लक्षनधारी का कहना है कि उसने ट्रैक्टर के लिए मना किया था, लेकिन छोटे पुत्र ओमप्रकाश ने जिद कर लिया था। वह ठगी का शिकार हुआ, जो उसके मौत का कारण बना।
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अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल महेश सिंह अत्रि ने बताया कि सुबह यादवपुर के समीप रेलवे ट्रैक पर मिले दो शवों की शिनाख्त पति-पत्नी के रुप में हुई। जांच करने पर मौत का कारण तो स्पष्ट नहीं हुआ, लेकिन पता चला कि मृतक ओम प्रकाश ठगी का शिकार हुआ था । शव का पोस्टमार्टम कराकर छानबीन की जा रही है।
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