क्षेत्र के बसही गांव के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को फोरलेन सड़क पर बीचों बीच खड़ा होकर रास्ते की मांग कर प्रदर्शन किए। प्रदर्शन करने वाले किसानों का कहना था कि सड़क उनकी दो जमीन के बीच से निकली है। ऐसे में सड़क के दोनों तरफ अभी भी उनकी जमीनें हैं, खेती किसानी और अन्य कार्य से उन्हे बार-बार सड़क पार करना होता है। सड़क पार करने में उन्हें कठिनाई होती है। ऐसे में उन्हे रास्ता दिया जाए। ताकि वो सुरक्षित रहते हुए अपनी खेती किसानी कर सकें।
गांधीवादी तरीके से किसान गांव के सामने सड़क के पटरी पर खड़ा होकर प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को रखे। उनका कहना था कि सड़क की पटरी पर दोनों तरफ लगाई गई बैरिकेडिंग में से थोड़ी सी जगह दी जाए। जिससे वो लोग आसानी से सड़क के उस पार अपने खेत तक आ जा सकें। किसानों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान जागरूकता के अभाव में वो अपनी इस बात को प्रशासन के सामने नहीं रख पाए। लेकिन सड़क बनने के बाद वाहनों का संचालन शुरू होने पर उन्हें अब दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। यह कठिनाई जब शुरू हुई जब सड़क की पटरी पर रेलिंग बना दिया गया। कहा कि सड़क निर्माण के दौरान उन्हें इस बात की जानकारी नहीं हो सकी थी, कि आने जाने का मार्ग बंद रहेगा। बोले किसान कि उन्हें नहीं पता कि रास्ता खुलवाने के लिए किससे मिलना और कहना होगा, ऐसे में वो अपनी मांग के लिए केवल प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान विनोद ,राम बहादुर ,राकेश, रमेश, जसवंत, छोटेलाल ,विजय, कन्हैयालाल ,सियाराम, कमला शंकर ,शिवपूजन, विनोद कुमार, दयाशंकर ,शंकरलाल ,रामकिशुन, दुलारी, लखन , पार्वती, मंजू, सीता, बाबू नंदन ,सुषमा के साथ रहीस अहमद आदि किसान मौजूद रहें।