एक ओर भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना दुश्वार किया है तो वहीं बिजली की अघोषित कटौती से हालात और विकट हो गए हैं। दिन हो या रात कभी भी बिजली कट जाती है। बिजली की रोस्टरिंग निर्धारित है, लेकिन कटौती का कोई तय नहीं।
मंडल मुख्यालय होने के बाद भी नगर का हाल बेहाल है। अघोषित कटौती से न लोगों को पर्याप्त पानी मिल पा रहा है और न ही उनका कोई काम हो पा रहा है। दिनचर्या ही पूरी प्रभावित हो रही है। रही सही कसर ट्रिपिंग पूरी कर देती है। इधर दो- तीन महीनों से रात के समय जब बिजली जाती है तो कम से कम 10 बार आती और जाती है। इससे लोगों के उपकरण खराब हो रहे हैं लेकिन विभाग को इसकी जानकारी ही नहीं है। विभाग का दावा है कि आपूर्ति सामान्य है और ओवरलोडिंग होने की वजह से आटोमैटिक ब्रेक डाउन हो जाता है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता दीपक सिंह ने कहा है कि इस समय डिमांड काफी बढ़ी हुई है। ओवरलोडिंग होने पर कटौती होती ही है।