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तीन दोषियों को दो वर्ष की कैद

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जीआरपी मिर्जापुर के पुलिसकर्मियों पर विंढमगंज रेलवे स्टेशन के पास जानलेवा हमला करने के मामले की सुनवाई करते हुए बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने तीनों आरोपितों को दोषसिद्ध पाते हुए दो-दो वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाया। साथ ही एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगाया।
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जीआरपी मिर्जापुर में तैनात उप निरीक्षक हरेकृष्ण लाल मिश्र, वासुदेव साहन, सच्चिदानंद यादव आठ मई 2009 को विंढमगंज रेलवे स्टेशन के पास व्यस्त थे। पूर्व की ओर से पुल की ओर से कुछ बदमाश दिखाई पड़े। पुलिस टीम ने बदमाशों का पीछा किया तो बदमाश सुनील दीक्षित निवासी दीक्षित टोला थाना रेहला जिला गढ़वा जान से मारने की नियत से पुलिस पर तमंचे से फायर कर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपितों को पहचान लिया था। मामले में जीआरपी ने लालबाबू राम, सुनील दीक्षित, अरविंद दीक्षित के गिरफ्तार किया। तीनों जमानत पर रिहा हुए, पर लालबाबू राम और सुनील अन्य मामले में जेल में बंद थे। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता काशीनाथ दुबे ने गवाहों का बयान परीक्षित कराया। अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र मिश्रा ने पुलिस के गवाही पर भरोसा जताते हुए तीनों आरोपितों को दोषसिद्ध पाते हुए लालबाबू, सुनील दीक्षित व अरविंद दीक्षित को दो-दो वर्ष की कैद की सजा सुनाया। जुर्माना जमा न करने पर सात दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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