ड्रमंडगंज। दुर्जनीपुर गांव में मंगलवार को देर रात शाॅर्ट सर्किट से दुकान में आग लग गई। आग लगने के बाद भागते समय शटर उठाने के दौरान करंट की चपेट में आने से दर्जी समेत दो लोगों की जान चली गई। बुधवार को सुबह घटना की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
दुर्जनीपुर गांव निवासी बृजलाल उर्फ निराला (55) दुर्जनीपुर ओवरब्रिज के पास स्थित किराए के कमरे में 15 साल से कपड़े की सिलाई का काम करते थे। मंगलवार को देर रात नदौली निवासी उनके साथी हरिश्चंद्र उर्फ कल्लू कोल (56) बृजलाल के पास कपड़ा लेने आए थे। रात होने के कारण दोनों खाना खाने के बाद शटर गिराकर दुकान में सो गए। जहां देर रात शॉर्ट सर्किट से दुकान में आग लग गई। आग लगने से दुकान में रखे कपड़े जलने लगे। इस पर दोनों शटर उठाकर भागने की कोशिश करने लगी। इसी बीच करंट की चपेट में आने से दोनों की झुलसकर मौत हो गई। बुधवार को सुबह दुकान के बगल की रखी गुमटी में चाय बनाकर बेचने वाली महिला पहुंची तो दुकान के अंदर से धुआं निकल रहा था। महिला ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और परिजनों को दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब शटर उठाया तो बृजलाल और हरिश्चंद्र दोनों मृत अवस्था में पड़े थे। कमरे में रखे कपड़े, बिस्तर व खाद्य सामग्री जलकर राख हो गए थे। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार लालगंज तरुण प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष अरविंद सरोज ने जांच पड़ताल की। बृजलाल की पत्नी की मौत 30 साल पहले हो चुकी है। बृजलाल का इकलौता पुत्र बृजेश गुजरात में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता है। प्रयागराज जिले के कोरांव थाने के राजापुर गांव निवासी हरिश्चंद्र उर्फ कल्लू कोल 20 साल पहले अपने ननिहाल नदौली में आकर बस गए थे। उनकी मौत से पत्नी प्रमिला देवी रो-रोकर बेहाल हैं। बृजलाल कपड़े की सिलाई तो करते ही थे, उनकी पहचान लोकगीत गायक के रूप में भी थी। तहसीलदार तरुण प्रताप सिंह ने बताया कि दर्जी बृजलाल और उसके सहयोगी हरिश्चंद्र दोनों के नाम से जमीन है। दोनों के परिजनों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ दिलवाया जाएगा। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार सरोज ने बताया कि दुर्जनीपुर गांव में शाॅर्ट सर्किट के कारण करंट की चपेट में आने से कपड़ों की सिलाई का काम करने वाले बृजलाल समेत दो लोगों की मौत हो गई।