पटेहरा। मनरेगा में दो करोड़ रुपये से ऊपर का भुगतान बकाया होने से मनरेगा कार्मिकों के साथ मेठ, मिस्त्री और मजदूरों का होली का पर्व फीका पड़ जाएगा। मनरेगा सेक्शन में काम करने वाले एपीओ, कंप्यूटर ऑपरेटर, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायकों का मानदेय और श्रमिकों का पारिश्रमिक भी छह महीने से बकाया है।
केंद्र सरकार की योजनाओं में मनरेगा सबसे महत्वपूर्ण है, इससे गरीब से लेकर बेरोजगार तक का जीविकोपार्जन होता है। तकनीकी सहायक की संख्या सात, कंप्यूटर ऑपरेटर एक, एपीओ एक, रोजगार सेवक 36 हैं। इसके साथ मैटेरियल, श्रमिक भुगतान को जोड़ दिया जाए तो दो करोड़ पैंतीस लाख छत्तीस हजार नौ सौ अड़तालिस रुपये का बकाया है। बकाये का भुगतान नहीं होने से मनरेगा कर्मियों के सामने भुखमरी की समस्या आ गई है। देवरी की सोनम, विभा, मनावती, कमली और सोनी आदि ने सरकार से होली के पूर्व बकाये का भुगतान कराने की मांग की है।
कोट
शासन से पैसा नहीं मिलने के कारण भुगतान बकाया है। पैसा मिलते ही सभी का भुगतान कर दिया जाएगा।
शरद कुमार सिंह, बीडीओ, पटेहरा