नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिफ्तार आरोपी। स्रोत- सोशल मीडिया
मिर्जापुर। शिक्षा विभाग में संविदा पर विभिन्न पदों पर हो रही भर्ती के लिए आवेदनकर्ता से संपर्क कर साक्षात्कार पास कराकर नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लेकर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के अश्वनी कुमार निवासी ग्राम दूनैया पांडेय पोस्ट हरिहरपुर बेदौली थाना पड़री व दीपचंद्र कश्यप निवासी ग्राम लखनपुर थाना चील्ह को कटरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
उनके पास से चार मोबाइल और 39900 नकदी बरामद किया गया है। मामले का खुलासा एएसपी सिटी नितेश सिंह ने मंगलवार की शाम को पुलिस लाइन स्थित सभागार में किया। पुलिस कंपनी के मालिक और गैंग के मुख्य सदस्य की तलाश में जुट गई है।
शिक्षा विभाग मिर्जापुर में ईसीसीई के 139 और 35 तकनीकी सहायक पद पर नियुक्ति होनी है। संविदा पर होने वाली नियुक्ति के लिए पोर्टल पर लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। संविदा पर नियुक्ति का ठेका लखनऊ की बागेश्वर बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के शिवांशू को मिला था।
28 अगस्त को पदों पर नियुक्ति के लिए साक्षात्कार होना था। इस दौरान आवदेक नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के संपर्क में आ गए।
साक्षात्कार पास कराकर नौकरी दिलाने के नाम पर एक आवेदक से 60 हजार रुपये लिया गया। नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गैंग की जानकारी होने पर पुलिस उनको पकड़ने के लिए सक्रिय थी। कटरा कोतवाली के साथ शहर कोतवाली और पड़री थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
कटरा क्षेत्र के आवास विकास कालोनी निवासी रोहन मिश्र ने 23 अगस्त को थाने में तहरीर देकर पत्नी का शिक्षा विभाग में संविदा के विभिन्न पदों पर नौकरी और साक्षात्कार के नाम पर धोखा देकर पैसा लिया। एएसपी सिटी नितेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी गई।