आरोप है कि खाते खुलवाने के बाद पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड और पैन कार्ड अपने पास रख लिया। सादे चेक पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। बताया कि नकदी नहीं मिलेगा। तनख्वाह सीधे खाते में जाएगी। लेकिन उसने हर माह नकदी ही तनख्वाह दी। इस दौरान उसके घर पर आयकर विभाग की नोटिस आने लगा। यह बात उसे बताने पर कहा कि उसका नाम पता किसी को न बताएं। वह आयकर विभाग के नोटिस को खत्म करा देगा।
विभाग की नोटिस को किसी और को दिखाया गया तो पता चला कि उसके खाते से 17 करोड़ से अधिक का लेनदेन हुआ है। विपक्षी ने आयकर से बचने के लिए उसके खाते का प्रयोग किया। उसके घर जाने पर अब वह धमकी दे रहा है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।