पटेहरा। बरसात के मौसम में विंध्य क्षेत्र की पहाड़ियों से गिरते झरने आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।
सिरसी जल प्रपात के नीचे जाने का रास्ता तीन दशक पहले प्रशानन ने बंद करा दिया था। इसके लिए 10 फीट ऊंची दीवार बनाई गई थी। उसके बाद भी सैलानी चट्टानों के सहारे करीब 80 फीट नीचे उतरकर फाल के पास पहुंच रहे हैं। सिरसी जल प्रपात पर दुर्घटनाएं बढ़ने के कारण तीन दशक पहले प्रशासन ने खतरनाक क्षेत्र में जाने वाला रास्ता बंद करा दिया था।
रविवार को यहां कई सैलानी दीवार फांद कर नीचे उतर गए। कुछ देर बाद पुलिस पहुंची और उन्हें फाल से बाहर निकाला। संतनगर थानाध्यक्ष जितेंद्र सरोज ने बताया कि नीचे के फाल जाने का रास्ता बंद है लेकिन सैलानी चट्टानों के सहारे उतर जाते हैं। निगरानी बढ़ाने के लिए पर्यटकों को सतर्क किया जाता है।