ट्रेनों में तो आरक्षण वाले ही सफर कर पा रहे हैं। ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल है। ऐसे में बसो में यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ गई है। रोडवेज बसों में सुबह से ही यात्रियों की भीड़ लगी रही। बसों में चढ़ने के लिए लोगों को धक्का-मुक्की करना पड़ रहा था। सुबह से शुरू हुई यात्रियों की भीड़ देर शाम तक लगी रही।
होली पर्व पर हर कोई अपने घर पहुंचना चाहता है। इसलिए लिए ट्रेन ही सबसे सुलभ साधन होता है, परंतु इस समय हर रूट की ट्रेनों में लंबी वेटिंग मिल रही थी। लोग किसी तरह से तत्काल टिकट लेकर भी ट्रेनों में सवार हो पाए। त्योहार पर ट्रेनें भी लेट चल रही हैं। महानगरी समेत कई ट्रेनें लेट चल रही थीं। मिर्जापुर स्टेशन पर लोग ट्रेनों का इंतजार करते रहे। ट्रेन लेट होने और टिकट नहीं मिलने के कारण बसों में यात्रियों की संख्या अधिक रही। चुनाव बाद रोडवेज की बसें वापस आने से लखनऊ और कानपुर के रूट पर बसों का आवागमन शुरू हो गया। इसके चलते रोडवेज परिसर में सुबह से ही यात्रियों की भीड़ लगी रही। प्रयागराज, सोनभद्र और वाराणसी की तरफ जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक रही। बस खड़ी होते ही यात्रियों से भर जाती थी। बसों में चढ़ने के लिए यात्रियों को धक्का-मुक्की करनी पड़ती थी। सुबह से शुरू हुआ यात्रियों का रेला देर शाम को थमा।