मिर्जापुर। जिले में प्रति वर्ष 50 के लगभग एचआईवी मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिले में इस समय एचआईवी के 300 एक्टिव केस है। जिनको जिले से दवा दी जा रही है। इसके अलावा भी जिले के लोग वाराणसी एआरटी सेंटर से जाकर दवा ले रहे है। ऐसे में यह संख्या 400 भी हो सकती है।
चआईवी का वायरस मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है, जिससे उसे अनेक बीमारियां घेर लेती हैं। इस स्थिति को एड्स कहते हैं। उपचार से वायरस को पूरी तरह खत्म तो नहीं किया जा सकता, लेकिन रोककर रखा जा सकता है। अच्छे खानपान और उपचार से मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है। एड्स को लेकर लोगों अब लोग जांच कराने के लिए आ रहे है, नहीं तो पहले लोग रोग का नाम सुनते ही डर जाते थे। जागरूकता के चलते लोग अब एआरटी सेंटर और लिंक एआरटी सेंटर पर जाकर जांच करा रहे है। जांच के दौरान पहले उनकी काउंसिलिंग की जाती है। फिर जांच के बाद दवा शुरू होती है।
एचआईवी होने पर क्या खाएं
ऊर्जा दायक भोजन (कार्बोहाईड्रेट्स) -चावल, गेहूं, मक्का, रागी, आलू, शकरकंदी, टेपियोका, केला, चीनी, गुड़।
शरीर वर्धक भोजन( प्रोटीन) - हरे चने, काले चने, दाल, फलिया, सोया, मूंगफली, मटर अंडे, मांस, मछली, दूध।
स्वास्थ्य दायक भोजन- (फल व सब्जियां) सब्जियां और फल, गहरे हरे रंग और संतरी रंग के फल व पालक, पेठा, संतरा व पपीता आदि।
एसआईवी की है आशंका, तो यहां कराएं जांच
मिर्जापुर। एसआईवी होने को लेकर किसी तरह की आशंका है तो इसके लिए लिंक एआरटी सेंटर पर जाकर जांच कराई जा सकती है। वहां पर गोपनीयता का पालन किया जाता है। मंडलीय अस्पताल के 125 नंबर कमरें में जाकर रक्त का सेंपल देकर जांच कराई जा सकती है। जांच से पहले काउंसिलिंग कर पीड़ित की पूरी जानकारी इकट्ठा की जाती है। काउंसलर सुमन राय काउंसलिंग करती है और टेक्निशीयन मयंक मिश्रा सेंपल की जांच करते है। तकनीशियन ने बताया कि मंडलीय अस्पताल के अलावा अलावा लालगंज, विंध्याचल, राजगढ़, चुनार पीएचसी में भी जांच की सुविधा है। यहां पर एंटीबाडी टेस्ट किया जाता है। अगर रिपोर्ट पाजिटिव आती है। तो वाराणसी बीएचयू स्थित एआरटी सेंटर जाकर दवा शुरु करनी होगी। बाद में दवा जिले से भी ले सकते है। अगर एंटीबाडी टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आती है, पर शरीर में एचआईवी के लक्षण है तो जांच के लिए एआरटी सेंटर बीएचयू में पीसीआर टेस्ट, वेस्टन ब्लाट, सीडी फोर काउंट की जांच होती है। इस रिपोर्ट में निगेटिव आने पर ही माना जाएगा की आपको एचआईवी नहीं है।
सीएमओ डॉ. पीडी गुप्ता ने बताया कि पोष्टिक भोजन शरीर की रोग निरोधक क्षमता को बढ़ाकर एचआईवी को बनने से रोकता है। एचआईची संक्रमित शराब, धूम्रपान, व अन्य नशीला दवाओं से बचें। भोजन से पहले और बाद में पानी पीएं। किसी को एचआईवी का लक्षण नजर आता है तो वह आकर जांच कराए। उसका रिपोर्ट गोपनीय रहती है।