मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती एक महिला के साथ स्वीपर ने बाथरूम में दुष्कर्म किया। घटना सात मई की है। अगले दिन महिला अस्पताल रेफर किए जाने पर घर पहुंची महिला ने पति से शिकायत की। अगले दिन महिला की तबीयत बिगड़ने पर पति उसे जिला महिला अस्पताल लेकर आया। वहां इलाज के बाद मंगलवार को पति ने स्वीपर पर पत्नी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया। इसके बाद मौके पर डीएम, एसपी, एडीएम, एएसपी सिटी, सीओ सदर व अस्पताल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। महिला का बयान दर्ज कर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुुकदमा दर्ज किया। लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 22 वर्षीय एक महिला को पेट दर्द होने पर उसका पति मंडलीय अस्पताल लेकर आया। मंडलीय अस्पताल के महिला वार्ड में उसे भर्ती कर दिया गया। रात को वह बाथरूम में गई तो सफाई कर्मी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। आठ मई को उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन वह अपने मायके चली गई। वहां उसने मां को सारी बात बताई। मां ने लोकलाज के भय से किसी से इस बारे में बताने से मना किया। जब पति पहुंचा तो उसने सारी बात उससे बताया। नौ मई को तबीयत गंभीर होने पर पति उसे लेकर जिला महिला अस्पताल आया। इस दौरान पति ने आरोपी स्वीपर को फोन कर पत्नी के साथ दुष्कर्म के बारे में पूछा तो उसने कहा, जो हो गया तो क्या कर सकते है। इस पर पति ने वाइस रिकार्डिंग की और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस महिला थाना प्रभारी के साथ जांच करने पहुंची। एडीएम शिव प्रताप शुक्ल, एएसपी सिटी संजय कुमार वर्मा, सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी ने महिला और उसके पति का बयान दर्ज किया। बाद में जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार और एसपी अजय कुमार सिंह ने महिला का बयान लेकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। महिला के बयान के बाद पुलिस ने आरोपी संविदा सफाई कर्मी साहिल के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया। आरोप मौके से भागा हुआ है। मंडलीय अस्पताल में मरीज के साथ ऐसी पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी एक सफाई कर्मी ने मंडलीय अस्पताल के सीसीयू में भर्ती महिला के साथ छेड़खानी की थी। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए तोड़फोड़ की थी। मामले में अस्पताल प्रशासन ने तो सफाईकर्मी को हटा दिया था, पर पुुलिस में शिकायत न होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की। उस समय कार्रवाई हुई होती तो शायद दूसरा कोई सफाई कर्मी इस तरह की हरकत न करता। सफाई कर्मियों द्वारा इस तरह की घटना को अंजाम देना, यह साबित करता है कि अस्पताल में इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। डीआईजी आरके भारद्वाज ने सोमवार को बड़े मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों के न पहुंचने पर चेतावनी देते हुए गंभीर मामलों में पुलिस अधिकारियों को मौके पर जाने का निर्देश दिया था। जिसका असर मंगलवार को दुष्कर्म की घटना में दिखाई दिया। थानाध्यक्ष के बाद सीओ सदर, एएसपी सिटी ही नहीं पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे। एक वीडियो के माध्यम तथ्य संज्ञान में आया है। जिसके बाद पुलिस के अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण कर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। - प्रवीण कुमार लक्षकार, जिलाधिकारी
महिला थानाध्यक्ष की उपस्थिति में पीड़ित महिला का बयान लेकर पति की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बयान में पीड़िता ने बताया कि मंडलीय अस्पताल के महिला वार्ड के बाथरूम में संविदा सफाई कर्मी ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। जल्द आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी।
-संजय कुमार वर्मा, एएसपी सिटी
थाने के अलावा अस्पताल भी सुरक्षित नहीं- देवी प्रसाद चौधरी
मिर्जापुर। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय लोहियाट्रस्ट पर जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने बैठक कर प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था पर कहा कि जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी सूबे में जंगलराज कायम हो गया है। कहा कि प्रदेश में थाने में ही महिलाओं के साथ दुष्कर्म हो गया। अब अस्पतालों में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं है। आरोपी को सफाईकर्मी को गिरफ्तार किया जाय। अन्यथा समाजवादी पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इससे पूर्व सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल महिला अस्पताल में भर्ती महिला के परिजनों से मिलकर जानकारी ली। इस मौके पर रोहित शुक्ला लल्लू, रामजी मौर्या, नागेंद्र तिवारी, ध्रुव जी पाण्डेय, राकेश यादव, रामजी यादव, अयूब अली, रामनेश यादव, जाहिद अख्तर, संतोष यादव आदि मौजूद रहे।
कार्रवाई के लिए सौंपा जाएगा ज्ञापन
मिर्जापुर। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के कोर कमेटी की बैठक मंगलवार को जिलाध्यक्ष लक्ष्मण ऊमर के गिरधर चौराहा स्थित आवास पर हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश में महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने वालों पर कार्रवाई की मांग की गई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के निर्देश पर घटना में शामिल लोगों पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया जाएगा। बैठक में दिलीप यादव, राजकमल सिंह, गिरधारी यादव, भोला यादव, अजय, रमेश पटेल, शिवशंकर, राम प्रताप यादव, विनोद कुमार सिंह आदि रहे।
वर्जन
दुष्कर्म करने का आरोपी मंडलीय अस्पताल का नियमित कर्मचारी नहीं है। सफाई का ठेका आउटसोर्सिंग कंपनी को दिया गया है। आउट सोर्सिंग कंपनी को उसे तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया है।
डा. आलोकजी, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल