जिला अस्पताल- सिविल लाइन मार्ग पर कचहरी के पास मोटर साइकिल से गुजरता राहगीर।-संवाद।
- फोटो : Samvad
-बादलों की आवाजाही के बीच दिन में रही तीखी धूप, कूलर-पंखे भी बेअसर
मिर्जापुर। मौसम विभाग की ओर से आंधी और बारिश की संभावना जताए जाने के बावजूद जिले में बुधवार को गर्मी का प्रकोप बना रहा। अधिकतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 39 तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान बढ़ने से लोगों उमस से परेशान रहे।
बुधवार को अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले मंगलवार को अधिकतम 38 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार सुबह से ही आसमान में बादलों और धूप के बीच आंख-मिचौली चलती रही। हालांकि बादलों की मौजूदगी के बावजूद सूर्य की तेज किरणों ने लोगों को राहत नहीं दी। बादलों से छनकर निकल रही धूप मानो अंगारों की तरह धरती पर बरस रही थी। सुबह से ही गर्म हवाओं और उमस का असर महसूस होने लगा था, दोपहर होते-होते हालात और कठिन हो गए। दोपहर के समय शहर की प्रमुख सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल दिखाई दी। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। धूप में कुछ देर खड़े रहना भी मुश्किल हो रहा था।
गर्मी का असर रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी दिखा। यात्री छायादार स्थानों की तलाश करते नजर आए। वहीं सरकारी और निजी कार्यालयों में चल रहे कूलर और पंखे भी लोगों को अपेक्षित राहत नहीं दे सके। उमस के कारण घरों के भीतर भी लोगों को बेचैनी महसूस होती रही। भीषण गर्मी के बीच शीतल पेय पदार्थों की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में गन्ने का रस, लस्सी, शिकंजी, आम का पना और अन्य ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। दिनभर लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है, लेकिन फिलहाल तापमान और उमस लोगों की परीक्षा ले रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने तथा धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।