अहरौरा। संतान प्राप्ति और ऊपर बाधाओं से मुक्ति के लिए बेचूबीर बाबा के दर्शन को पहले दिन बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी रास्तों और दूर दूर से पहुंचे। प्रतिवर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर एकादशी तक तीन दिवसीय अंतर प्रान्तीय मेले यहां लगता है।
बेचूबीर बाबा की चौरी पर शुक्रवार को पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालु नर नारियों ने मत्था टेका और साधना में लीन हो गए। आस्थावानों की नजरें एक टक बाबा की चौरी पर ही अटकी रही। माला-फूल, धूप बत्ती जला कर चौरी के सामने बैठे भक्तों में अटूट श्रद्धा और विश्वास झलकता रहा। हालांकि मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था कहीं नजर नहीं आई। मेला क्षेत्र में लगे हैंडपंप ही हजारों श्रद्धालुओं की प्यास बुझाने का एकमात्र साधन हैं। पेयजल संकट को लेकर मेले के पहले दिन ही श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। पेयजल के लिए श्रद्धालु जगह-जगह हैंड पंप के पास लाइन में लगे रहे। प्रशासन द्वारा टैंकर की व्यवस्था का निर्देश दिया तो गया है परंतु टैंकर मेला क्षेत्र में नदारद रहे।
इसके अलावा श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान चलाकर सफाई व्यवस्था सुदृढ़ रखने का निर्देश दिया है। परंतु मेला स्थल पर शुक्रवार को जगह-जगह गंदगी मिली। गंदगी के चलते श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सफाई को लेकर इसी तरह लापरवाही बरती गई तो तीन दिवसीय मेले में संक्रामक रोग भी पांव पसार सकता है इससे इनकार नहीं किया जा सकता।