जहां दवा पिलाने के कुछ ही देर बाद किशोर की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। किशोर के बगल में सोया उसका छह वर्षीय भतीजा बाल-बाल बच गया। मृत किशोर का शव गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। घटना से गांव में शोक की लहर व्याप्त हो गई है। बता दें कि मिर्जापुर जिले के कई गांव में आज भी सर्पदंश के बाद लोग अस्पताल जाने की जगह झाड़-फूंक पर भरोसा करते हैं।