बरकछा स्थित साउथ कैंपस में धरना देते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : mirzapur
बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में शिक्षण में दुर्व्यवस्था और खामियां एक बार फिर सामने आई। बी फार्मा और एम फार्मा कोर्स में समुचित पठन पाठन नहीं होने और प्रायोगिक व्यवस्था नहीं मिल रही है, जिससे नाराज बी फार्मा और एम फार्मा के छात्रों ने प्रशासनिक भवन के सामने धरना प्रदर्शन किया। वहीं कोर्स कोआर्डिनेटरों के 10 नवंबर तक समस्याओं के समाधान का आाश्वासन दिए जाने पर प्रदर्शन खत्म कर दिया गया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में बी फार्मा आयुर्वेद वर्ष 2006 और एम फार्मा 2011 से संचालित किया जा रहा है। यहां कोर्स में 16 विषय संचालित हो रहे हैं, जिनमें से सात विषयों के शिक्षक ही नहीं है। वहीं चार विषयों की प्रयोगशाला का निर्माण तक नहीं हुआ है। वहीं जो प्रयोगशाला बन भी गई हैं, उनमें उपकरण और केमिकल्स की व्यवस्था तक नहीं है। देवेश यादव ने कहा कि बी फार्मा और एम फार्मा आयुर्वेद के छात्रों का रजिस्ट्रेशन आज तक नहीं हुआ है। वहीं कोर्स पूरा करने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा प्रदान नहीं की जा रही है। जिससे रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
दीपा गुप्ता ने कहा कि छात्र-छात्राएं काफी समय से उच्चाधिकारियों को पत्र देकर शिक्षक और प्रयोगशाला सुविधा देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई है। छात्र-छात्राओं को महज आश्वासन देकर टाल दिया जा रहा है। कोर्स कोआर्डिनेटर, प्रोफेसर इंचार्ज, डीन आदि से कई बार मांग के बावजूद आज तक समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो छात्र आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान प्रलय खत्री, सौरभ सिंह, आदिती अग्रवाल, अनुप्रिया सिंह, नेहा सिंह, पूजा कुमारी, महेंद्र विश्वकर्मा, मनीष कुमार सिंह, सृष्टि सिंह, दीपचंद्र, सूरज सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कोर्स कोआर्डिनेटर प्रोफेसर केआरसी रेड्डी और प्रोफेसर डीएम साहू ने 10 नवंबर तक का समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। जिस पर धरना खत्म हुआ।