मिर्जापुरः हर्रा के जंगल में पड़ताल करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उस दिन सीमा तीन पुत्रियों गोलू (12) मुनिया (10) व ममता (8) को साथ लेकर निकली। पुत्रियों को बताया कि मजदूरी करने के लिए जा रही है। दो दिन बाद वह अपने मायके सुखड़ा बेलगवां अकेले पहुंच गई। इधर, पुत्रियों को घर में न देख कर देवीदास ने पत्नी सीमा से पूछा तो बताया कि पुत्रियां नौकरी करने इंदौर गई हैं। मायके में भी उसने यही बात बतायी थी।
शक होने पर देवीदास और सीमा का भाई रमाकांत बालिकाओं की खोजबीन करने लगे। मंगलवार देर शाम को रमाकांत ने देवीदास के पुत्र परमानंद को फोन कर जंगल में शव होने की सूचना दी। इसके बाद देवीदास बुधवार सुबह पुलिस के साथ जंगल में पहुंचा तो तीनों पुत्रियों का कंकाल मिला। उनके कपड़े से उसकी पहचान हुई।
देवीदास की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर पड़ताल में जुटी है। बालिकाओं की मां फरार है। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा। बता दें कि जिले में हाल के दिनों में बामी कांड, चालक हत्या कांड,मां-बच्चों पर जानलेवा हमला सरीखे चर्चित घटनाओं का खुलासा पुलस नहीं कर सकी है। इधर, एक और जघन्य घटना सामने आ गई है।