न रेट लिस्ट, न समय की सीमा, जबरन वाहन खड़ा कराकर वसूली का आरोप
पार्किंग के नाम पर श्रद्धालुओं से दोहरी वसूली, अवैध स्टैंडों पर वाहन खड़ा करना महंगा
विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी धाम में निजी वाहनों से पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए धाम क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था बड़ी चुनौती बनी हुई है। नगर पालिका प्रशासन की ओर से महज छह वाहन स्टैंड को अनुमति दी गई है। इसके बावजूद विंध्याचल क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर वाहन खड़ा कराने के नाम पर मनमानी वसूली किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर जबरन वाहन खड़ा करा कर मनमाना शुल्क वसूला जाता है। ऐसे स्थलों पर न तो रेट लिस्ट है और न ही समय की सीमा। बाहर से आए दर्शनार्थियों के साथ बदतमीजी और मारपीट की शिकायतें भी सामने आती हैं। नवरात्र में भीड़ बढ़ने के साथ यह समस्या और बढ़ सकती है।
इससे श्रद्धालुओं को अधिक शुल्क देना पड़ रहा है। कई स्थानों पर निर्धारित शुल्क और वसूली की रसीद को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बरतर तिराहा, बंगाली चौराहा, गोपीगंज स्टैंड के पास, बावली चौराहा, भारतीय स्टेट बैंक चौराहा, रोडवेज, पटेगरा नाला, मोतीझील मार्ग, अमरावती चौराहा, रेहड़ा चुंगी और कालीखोह मंदिर जाने वाले मार्ग समेत करीब दो दर्जन स्थानों पर वाहन खड़ा कराकर शुल्क वसूले जाने की शिकायतें हैं। मां अष्टभुजा देवी मंदिर के नीचे और पहाड़ी क्षेत्र में भी वाहन स्टैंड संचालित किए जाने की बात सामने आई है।
श्रद्धालु लाल बहादुर, अमित कुमार, शीतलेश्वर, राजमनि और रिंकू सिंह का कहना है कि टोल और पार्किंग शुल्क देने के बाद धाम क्षेत्र में वाहन खड़ा करने के लिए अलग से शुल्क देना पड़ता है। कुछ स्थानों पर निर्धारित शुल्क से अधिक रकम मांगने की शिकायत भी सामने आती है। वहीं, वाहन स्टैंडों में चोरी और वाहनों से सामान गायब होने की घटनाओं को लेकर भी श्रद्धालु परेशान रहते हैं। ऐसे में पार्किंग शुल्क वसूलने वाले संचालकों की जिम्मेदारी और वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि नवरात्र के दौरान इस पर रोक लगनी चाहिए, ताकि उन्हें परेशानी न हो।
टोल के बाद पार्किंग शुल्क, श्रद्धालु परेशान
दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहनों से विंध्याचल पहुंचते हैं। रास्ते में टोल शुल्क देने के बाद धाम क्षेत्र में वाहन खड़ा करने के लिए पार्किंग शुल्क देना पड़ता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि शुल्क की व्यवस्था स्पष्ट न होने और अलग-अलग स्थानों पर अलग रकम मांगे जाने से परेशानी होती है। बाहर से आने वाले लोग विवाद से बचने के लिए कई बार मांगी गई रकम देने को मजबूर होते हैं।
चोरी हुई तो जिम्मेदार कौन
वाहन स्टैंडों पर शुल्क तो लिया जाता है, लेकिन वाहन या उसमें रखे सामान की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें हैं। अवैध रूप से संचालित स्थानों पर वाहन खड़ा कराने वाले व्यक्ति की पहचान और जिम्मेदारी भी स्पष्ट नहीं रहती। ऐसे में वाहन या सामान चोरी होने की स्थिति में श्रद्धालुओं के सामने समस्या खड़ी हो जाती है।
प्रमुख चौराहों पर पार्किंग से यातायात भी प्रभावित
धाम क्षेत्र के प्रमुख चौराहों और संपर्क मार्गों पर सड़क किनारे वाहन खड़े कराकर शुल्क वसूली से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की भी शिकायत है। भीड़ बढ़ने पर सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की स्थिति बनती है। नवरात्र जैसे बड़े पर्वों के दौरान यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
वर्जन
विंध्याचल क्षेत्र में नगर पालिका प्रशासन की ओर से छह वाहन स्टैंड को अनुमति दी गई है। इसके अलावा यदि किसी अन्य स्थान पर वाहन खड़ा कराने के नाम पर वसूली की जा रही है तो वह अवैध है। ऐसे स्थानों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- जी लाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
प्रतिक्रिया
शारदीय नवरात्र के दौरान अवैध तरीके से चल रही पार्किंग व्यवस्था पर रोक लगनी चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
- राजकुमार विश्वकर्मा, विंध्याचल
अवैध पार्किंग की व्यवस्था नहीं सुधरी तो नवरात्र के समय श्रद्धालुओं से मनमाना पैसा वसूला जा सकता है। इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
- राहुल सिंह, विंध्याचल
अवैध वाहन स्टैंड पर रोक नहीं लगी तो श्रद्धालुओं के साथ जबरदस्ती होती रहेगी। इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगनी चाहिए।
- अमन मिश्रा, विंध्याचल
अवैध स्टैंड चलते रहे तो विंध्याचल आने वाले श्रद्धालुओं के साथ झगड़ा-झंझट होता रहेगा। इससे विंध्याचल की बदनामी भी होती है। ऐसे में इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
- रवि मोहन मिश्रा, विंध्याचल