विंध्याचल में आदिशक्ति मां विंध्यवासिनी माता के गर्भ गृह में दरवाजों को रजतमंडित किया जाएगा। यह पुनीत कार्य रांची के श्रद्धालु संजय चौधरी, अरविंद अग्रवाल, विक्रम व उनके साथी कर रहे हैं। उन्होंने राजस्थान में 101 किलो चांदी से बनाए गए रजतमंडित दरवाजे दान किए हैं। इसे गर्भगृह में लगे पीतल के द्वारों पर लगाया जाएगा।
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यह श्रद्धालु विगत 25 वर्षों से मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए नवरात्रि में आते रहे हैं। जब भी आते थे तो पीतल का दरवाजा देखकर मन में ठान लिया कि एक दिन चांदी का दरवाजा मां के आशीर्वाद से लगवाएंगे। उनका कहना है कि मां ने उनकी सुन ली और उन्हें सक्षम बनाया।
अपने तीर्थ पुरोहित जीत नारायण से मंत्रणा कर मां विंध्यवासिनी के गर्भ गृह में लगे रजत मंडित दरवाजे लगाने के लिए मंगलवार को पहुंचे। जिला प्रशासन की अनुमति ना होने के कारण कार्य शुरू नहीं किया जा सका। जल्द ही इसका भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा। उनके साथ राजस्थान के कारीगर भी आए हैं जो इस कार्य को करेंगे।