मड़िहान थाना क्षेत्र के ददरा बाजार में बुधवार की दोपहर लोहा कारोबारी सत्यम को गोली मारने के बाद ऋषभ तमंचा लहराते हुए घटनास्थल से कुछ दूर स्थित अनादि विश्वकर्मा के घर में घुस गया। सीढ़ियों से ऊपर जाकर छत के रास्ते घर के पड़ोस में स्थित डॉ. जसवंत मौर्या के मकान में कूद गया। वहां एक महिला को बंधक बनाकर कमरे में बंद कर दिया। जब घर के बाहर भीड़ जुटने लगी तो खुद को घिरा देखकर उसने खुद को दूसरे कमरे में बंद कर लिया।
उधर, भीड़ सीधे अनादि विश्वकर्मा के घर पहुंची, क्योंकि लोगों ने हत्यारे को उनके घर में घुसते देखा था। अनादि से बदमाश को बाहर निकालने को कहा जाने लगा। अनादि के बार बार कहने के बावजूद कि वह उनके घर में नहीं है आक्रोशित भीड़ कुछ सुनने को तैयार नहीं थी।
पहले अनादि से ही लोगों ने विवाद कर लिया। बाद में कुछ लोगों ने घर में घुसकर खुद तलाशी ली और उसके न मिलने पर बगल के घर में गए। वहां से ऋषभ को पकड़कर बाहर निकाला। तब तक बगल में कोटे की दुकान की चल रही चयन प्रक्रिया में मौजूद पुलिसकर्मी भी सूचना पर पहुंच गए। पुलिस के सामने ही ऋषभ की पिटाई की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी बात को लेकर सत्यम और ऋषभ के बीच दुकान में तू-तू मैं-मैं हुआ और मामला मारपीट तक पहुंच गया। शोर शराबा सुनकर कुछ दूर स्थित घर के बाहर बैठी सत्यम की मां भी पहुंच गई। सत्यम और ऋषभ झगड़ते हुए सड़क पर आ गए। वहीं पर मां की आंखों के सामने ही ऋषभ ने सत्यम के सीने में दो गोली उतार दी।
इससे पहले कि मां को कुछ समझ आता ऋषभ वहां से भाग गया। सत्यम दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई शाहगंज रोड पर फर्नीचर की दुकान चलाता है। चर्चा है कि सत्यम और ऋषभ पहले मित्र रहे हैं। दोनों अविवाहित हैं। किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया था। कुछ साल पहले सत्यम के पिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
ददरा में हुई घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें लोग हत्यारोपी ऋषभ को मार रहे हैं। डंडे, लाठियों और ईंट से उसकी पिटाई कर रहे हैं। जबकि पुलिस बेबस नजर आ रही है। राजगढ़ पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी घटना के दौरान मौके पर पहुंच गए थे पर उनके सामने ही हत्यारोपी की कुछ लोग पिटाई करते रहे।
मारने वाले कम थे ललकारने वाले अधिक थे। अगर पुलिस गंभीरता दिखाती तो हत्यारोपी की जान बच सकती थी। वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस सफाई देने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि ऋषभ को बचाकर अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
घटना के बाद कई लोग भीड़ के आक्रोश का शिकार हुए। मौके पर मोबाइल से फोटो और वीडियो बना रहे कुछ लोगों की भी भीड़ ने पिटाई कर दी। उनका मोबाइल फोन छीन लिया। बाद में पुलिस के बीचबचाव के बाद वापस कर दिया गया पर उसमें फोटो, वीडियो डिलीट थे।
ऋषभ के पिता वीरेंद्र पांडेय का आरोप है कि उनका पुत्र घर में छिपा था। पुलिस के बुलाने पर वह घर से बाहर निकला। पुलिस ने ही ऋषभ को भीड़ के हवाले कर दिया। पिता ने बताया कि एक दिन पहले मंगलवार को सत्यम और उसके दोस्तों ने ऋषभ की पिटाई कर दी थी। हो सकता है कि इसी वजह से उसने इस तरह का कदम उठाया हो।
आर्म्स एक्ट में जेल जा चुका था ऋषभ
ऋषभ की अलग-अलग मामलों में कई बार पुलिस से शिकायत हुई थी। 2012 में आर्र्म्स एक्ट में वह जेल जा चुका था। दो भाइयों में वह छोटा था। क्षेत्र में उसके नाम की दहशत थी।