मंदिर परिसर में होने लगी चर्चा
उधर, रविवार को सेक्टर मजिस्ट्रेट व सहायक विकास अधिकारी (कृषि) सिटी प्रतीक कुमार सिंह विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में अपने मूल ड्यूटी वाले स्थल को छोड़कर जूता पहनकर चले गए थे। बताया जा रहा है कि वे अपने जानने वालों को दर्शन करवाने मंदिर गए थे। सेक्टर मजिस्ट्रेट के मंदिर परिसर में जूता पहनकर जाने व अपना ड्यूटी स्थल छोड़कर जाने की घटना का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने एडीएम शिव प्रताप शुक्ल को जांच सौंपी।
उनकी जांच रिपोर्ट पर सेक्टर मजिस्ट्रेट को तत्काल प्रभाव से उप निदेशक कृषि विकेश पटेल ने निलंबित कर दिया। उप निदेशक ने बताया कि एडीओ कृषि प्रतीक कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
कड़े निर्देशों के बाद भी परेशानी का कारण बनी वीआईपी व्यवस्था
नवरात्र से पहले विशिष्टजनों को लेकर दर्शन-पूजन कराने के लिए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की तरफ से जरूरी दिशानिर्देश जारी किए गए। इसके तहत एक साथ सात वीआईपी को दर्शन-कराने के निर्देश दिए गए। इस निर्देश के बाद नवरात्र के चौथे दिन रविवार को वीआईपी दर्शन करने वालों की भीड़ के चलते व्यवस्था बेपटरी हो गई। विशिष्टजनों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई कि आम दर्शनार्थियों की पंक्ति बिल्कुल ठहर सी गई।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन के अधिकारियों के अलावा श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारी, नगर विधायक रत्नाकर मिश्र मंदिर परिसर में व्यवस्था संभालने पहुंच गए। विधायक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि तय मानक व निर्धारित संख्या के अनुरूप प्रोटोकाल में तैनात प्रशासन के अधिकारियों व पुलिस के साथ ही विशिष्टजन दर्शन के लिए जाएंगे। इस व्यवस्था दुरुपयोग होने पर तीर्थ पुरोहित भी उनसे पूछताछ करके उन्हें रोक सकते हैं।