अमृत योजना के तहत नगर क्षेत्र के 32,315 घरों तक पेयजल की आपूर्ति के लिए योजना का विस्तार किया गया है। इसके तहत 77 करोड़ 42 लाख रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। इसके बाद भी अभी तक इस योजना का काम पूरा नहीं हो सका है। उधर, इस योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढों में गिरकर आए दिन कोई न कोई घायल हो रहा है।
नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल की दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही समस्या को देखते हुए नगर पालिका परिषद मिर्जापुर की तरफ से एक सौ 85 करोड़ 78 लाख रुपये की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई थी। योजना के तहत प्रस्तावित कार्य कराने के लिए 77 करोड़ 42 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। इसमें से 30 करोड़ 67 लाख रुपये शासन ने पहले ही स्वीकृत कर दिया था। उससे काम चल रहा था। इस बीच 46 करोड़ 75 लाख रुपये और जारी किए गए। अब तक कुल 77.42 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। अमृत योजना के तहत जलापूर्ति के लिए गंगा के पानी का प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए शास्त्री सेतु के पास एक इनटेक वेल बनाया जा रहा है। वहां से पानी दो किलोमीटर दूर लालडिग्गी पहुंचाया जाएगा। यहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गंगा जल का शोधन किया जाएगा। उसके बाद जलापूर्ति की जाएगी। अलग-अलग स्थानों पर लगे पंपिंग स्टेशनों के जरिए पूरे नगर में पाइप लाइन की सहायता से जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना के तहत पूरे नगर क्षेत्र में 210 किलोमीटर लंबी नई पाइप लाइन बिछायी जा रही है। इस वजह से पूरे नगर की सड़कों की खोदाई करनी पड़ी रही है। इन सड़कों में से अधिकांश को छह माह से साल भर पहले काटा गया था, लेकिन अब तक कार्य पूरे नहीं हो पाए। हालांकि पहले 177 किलोमीटर में जलापूर्ति की पाइप लाइन बिछाई जानी थी। इस बीच पुनरीक्षित कार्ययोजना में इसकी लंबाई 33 किमी और बढ़ा दी गई और इसकी कुल लंबाई 210 किमी कर दी गई। शास्त्री सेतु के पास एक इनटेक वेल बनाया गया है। इसके साथ ही छह टैंक व सात सीडब्लूआर का भी निर्माण कराया गया है। इन्हीं के माध्यम से पूरे नगर में जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। लालडिग्गी में बनने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 60 एमएलडी होगी। इसी जगह छह एमएलडी का पुराना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी है। उसे भी दुरुस्त किया जा रहा है। इस प्रकार से कुल क्षमता 66 एमएलडी की हो जाएगी, जबकि बढ़ती हुई आबादी के लिहाज से वर्ष 2050 में भी नगर को मात्र 61 एमएलडी पानी की जरूरत होगी। जल निगम के अधिशासी अभियंता अफजाल का कहना है कि इनटेक वेल बनकर तैयार है। अन्य कार्य भी प्रगति पर हैं। पहले यह योजना मार्च 2022 तक पूरी होनी थी, लेकिन विभागों के बंटवारा आदि के चलते कुछ विलंब हुआ है। अब यह योजना दिसंबर 2022 तक पूरी होगी। इसके साथ की काटी गई सड़कों व पटरियों का निर्माण कराया जा रहा है।