लालगंज। विकास खंड के तुर्कहा गांव स्थित टांडा जलाशय की 702 बीघा जमीन पर अवैध ढंग से कब्जा हो रहा है। अतिक्रमण के कारण जलाशय की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इस जलाशय से नगर क्षेत्र में जलापूर्ति की जाती है।
नगर के एक लाख से अधिक घरों को जलापूर्ति करने वाले 1914 में बने टांडा जलाशय की जमीन पर अतिक्रमण की होड़ सी मची हुई है। जो जहां पा रहा है, वहीं जलाशय की जमीन पर जोताई करके गेहूं की बोआई करने में जुट जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अतिक्रमण की जानकारी होने के बाद भी मिर्जापुर नगर पालिका के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। नगर पालिका प्रशासन ने जलाशय की जमीन को वैसे ही छोड़ दिया है। इसके चलते जलाशय की जमीन पर कई लोग कब्जा कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी की पहले बनाए गए जलाशय की सुरक्षा अतिक्रमण कर ध्वस्त की जा रही है। जलाशय की 702 बीघे जमीन को अवैध तरीके से कुछ लोग कब्जा किए हुए हैं। गांव के प्रधान मूलचंद पांडेय ने बताया कि इस जलाशय की जमीन पर अतिक्रमण रोकने के लिए थाना समाधान दिवस पर लालगंज में प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक तहसील और पुलिस प्रशासन दोनों ही जमीन को अतिक्रमणमुक्त नहीं करा सके हैं। पड़ोसी गांव बलहरा के प्रधान रमाशंकर सिंह व धनवाल गांव के प्रधान विपिन बिहारी बिंद ने टांडा जलाशय की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। तहसीलदार आशीष पांडेय ने कहा कि यह जमीन नगर पालिका की है। इसकी जांच कर वे रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज देंगे।