अब सभी थानों में साइबर क्राइम से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों की सुनवाई हो सकेगी। मिर्जापुर, सोनभद्र व भदोही के सभी थानों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मी शिकायतकर्ता की समस्या के निस्तारण में हर संभव मदद करेंगे। इसी क्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक विंध्याचल परिक्षेत्र रामकृष्ण भारद्वाज ने पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में शुक्रवार को आयोजित साइबर कार्यशाला में परिक्षेत्र के समस्त थानों में साइबर हेल्प डेस्क पर नियुक्त पुलिस कर्मियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यशाला में परिक्षेत्र के मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क पर नियुक्त पुलिसकर्मियों के कर्तव्य के बारे में बताया गया। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग व साइबर पोर्टल के बारे में जानकारी दी गयी।
कार्यशाला में पुलिस मुख्यालय लखनऊ के साइबर क्राइम एक्सपर्ट ने जूम एप के माध्यम से साइबर हेल्प डेस्क में नियुक्त अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया। पीपीटी के माध्यम से होने वाले स्पैमिंग, हैकिंग, साइबर बुलिंग, वित्तीय अपराध व फर्जी बैंक काल, बाल अश्लीलता, साफ्टवेयर पाइरेसी आदि के बारे में जानकारी दी गई। डीआईजी ने कहा कि साइबर क्राइम के बाद के छह घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इन छह घंटों के अंदर अगर शिकायत मिल जाए तो निकाले गए पैसे फ्रीज करने के साथ ही उसकी रिकवरी संभव है। साइबर क्राइम होने पर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। आम जनता में साइबर अपराध के रोकथाम के लिए जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 व साइबर क्राइम वेबसाइट पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करने में मदद करें। ताकि पीड़ित की धनराशि को फ्रीज कर वापस दिलाई जा सके। उन्होंने संज्ञेय साइबर अपराध की घटना में एफआईआर दर्ज करने के लिए थाना प्रभारी/साइबर नोडल अधिकारी को निर्देशित भी किया।
पुलिस उपमहानिरीक्षक ने बताया कि यदि साइबर अपराध के तहत पैसे का फ्रॉड होता है तो 6 घंटे के अंदर पुलिस को सूचित करें, ताकि उस पैसे को फ्रीज कर वापस दिलाया जा सके। ऐसी स्थिति में पैसा शत प्रतिशत वापस मिलने की संभावना रहती है। हालांकि 24 घंटे तक पैसा फ्रीज होने व उसकी वापसी के चांस रहते हैं। छह घंटे बीतने के बाद पैसा मिलने की संभावना कम हो जाती है। वित्तीय अपराध व फर्जी बैंकिंग काल के बाद मोबाइल पर आने वाला पैसा कटने का संदेेश लेकर हेल्प डेस्क पहुंचें, जहां डेस्क कर्मी शिकायतकर्ता की पूरी सहायता करेंगे। गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजय वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात अरुण सिंह आदि उपस्थित रहे ।