दक्षिणी परिसर की आचार्य प्रभारी प्रो. रमादेवी निम्मान्नापल्ली ने बताया कि किरण दामले को प्राक्टोरियल बोर्ड से हटाकर एग्री बिजनेस असिस्टेंट प्रोफेसर दीपिका कौर के नाम की संस्तुति भेजी गई है। दो दिनों तक मामला शांत चल रहा था। लेकिन प्रियंका के इस ट्वीट पर हजारों लाइक और सैकड़ों रिप्लाई ट्वीट कर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका के इस ट्वीट का संघ के लोगों ने जानकारी का अभाव बताते हुए बेमतलब की राजनीति करने का आरोप लगाया।
आरएसएस के जिला कार्यवाह चंद्रमोहन सिंह ने कहा कि प्रियंका गांधी को पता होना चाहिए कि बीएचयू मेन कैंपस में शाखा की शुरुआत मदन मोहन मालवीय ने की थी। उन्होंने परिसर में आरएसएस कार्यालय के लिए संघ भवन की स्थापना की थी। मामले में ट्वीट कर वे बेमतलब की राजनीति कर रही हैं।
संघ के लोगों ने कोई कानून नहीं तोड़ा। संघ ने द्वेष की भावना से कोई कार्य नहीं किया है। ना ही कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया। डिप्टी चीफ प्राक्टर किरण दामले ने झंडा उखाड़ कर संघ का अपमान किया। इस पर कानून प्रक्रिया अपनाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। प्रियंका गांधी के पास कोई मुद्दा नहीं है तो वे अनर्गल ट्वीट कर रही हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने बताया कि कांग्रेस पार्टी डिप्टी चीफ प्राक्टर किरण दामले के साथ खड़ी है। मामले में दर्ज मुकदमा हटाए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष के साथ राष्ट्रीय नेताओं को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया गया था। मामले को उठाते हुए राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है। पार्टी मामले पर नजर रखे हुए है। मुकदमा वापस न होने पर राष्ट्रीय नेताओं के निर्देश पर आंदोलन करेगी। किरण दामले पर मुकदमा इसलिए कराया गया क्योंकि वह अनुसूचित जन जाति की महिला है।
आचार्य प्रभारी प्रो रमादेवी निम्मान्नापल्ली ने बताया कि डिप्टी चीफ प्राक्टर किरण दामले को प्राक्टोरियल बोर्ड से हटाकर दीपिका कौर को बोर्ड में शामिल करने की संस्तुति चीफ प्राक्टर को भेजी गई है। साथ ही किरण दामले का इस्तीफा भी भेज दिया गया है। मेन कैंपस में भी छात्रों का मामला गर्माया है, इसलिए इस्तीफा निर्णय और प्राक्टोरियल बोर्ड की सूची नहीं आई है। इस मामले में बात करने के लिए मेन कैंपस बीएचयू आई हूं।