राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को मूर्ति की गई भेंट।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोनभद्र के बभनी स्थित सेवा कुंज आश्रम में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने 250 छात्रों के लिए बने अंत्योदय छात्र कुल, बिरसा मुंडा बनवासी विद्यापीठ का लोकार्पण किया। साथ ही छात्रावास के लिए भूमि पूजन भी किया। उन्होंने सेवा कुंज आश्रम में संबोधित करते हुए कहा कि आज मुझे भगवान बिरसा मुंडा जी का स्मरण हो रहा है। उन्होंने अंग्रेजों के शोषण से वन संपदा और वनवासी समुदाय की संस्कृति की रक्षा के लिए अनवरत युद्ध किया और शहीद हुए।
राष्ट्रपति ने कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन केवल जनजातीय समुदायों के लिए ही नहीं बल्कि सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा और आदर्श का स्रोत रहा है। मुझे इस बात का संतोष है कि मेरी सांसद निधि की राशि का उपयोग आपके संस्थान व आश्रम के शिक्षा संबंधी प्रकल्प में हुआ है। किसी भी धनराशि का इससे बेहतर उपयोग नहीं हो सकता है। मैं आभारी हूं कि आप सबने मुझे योगदान करने का अवसर दिया और कल्याणकारी प्रकल्पों से जोड़े रखा।
उन्होंने कहा कि वनवासी समुदाय के विकास के बिना देश के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। सही मायनों में, आप सबके विकास के बिना देश का विकास अधूरा है। देश भर के हमारे आदिवासी बेटे-बेटियां खेल-कूद, कला, और टेक्नॉलॉजी सहित अनेक क्षेत्रों में अपने परिश्रम और प्रतिभा के बल पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।