आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर हर घर पर तिरंगा लहराने की तैयारी के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को बैठक कर विभागवार जिम्मेदारी दी गई। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने कहा कि 11 से 17 अगस्त के बीच हर घर पर तिरंगा फहराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन की तरफ से जिले में तीन लाख 60 हजार झंडा बनवाने का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य के अनुरूप झंडा बनवाने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की दी जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि हर घर तिरंगा कार्यक्रम प्रत्येक सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न नागरिक संगठनों आदि के सहयोग से किया जायेगा। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर संबंधित विभाग की तरफ से अभियान चलाकर ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायत के शत प्रतिशत घरों, दुकानों, कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों तथा नलकूपों आदि पर झंडा फहराने के लिए जागरूक करें। इसी प्रकार नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी राशन की दुकानों को झंडा वितरण एवं ब्रिकी केंद्र के रूप में उपयोग में लाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि परिवहन निगम की समस्त बसों, निजी बसों, ट्रकों एवं अन्य परिवहन साधनों तथा सरकारी वाहनों में हर घर तिरंगा कार्यक्रम के संदेश से संबंधित स्टीकर आदि लगाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनपद के समस्त टोल प्लाजा, चेक प्वाइंट आदि स्थानों पर बैनर स्टैंडी लगाकर प्रचार प्रसार के लिए निर्देशित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद से पंचायत स्तर तक विभिन्न स्तरों पर नोडल अधिकारियों के साथ-साथ पर्यवेक्षकों की भी तैनाती प्रत्येक विकास खंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी इसकी नियमित समीक्षा करेंगे। जिला सूचना अधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि समय-समय पर मीडिया के प्रतिनिधियों को कार्यक्रम के प्रचार प्रसार हेतु जन-जन जागरूकता एवं तैयारियों के संबंध में जानकारी दें। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक नोडल अधिकारी का दायित्व होगा कि हर घर के लोगों को झंडा फहराने की विधि व अन्य जानकारी स्पष्ट रूप से दें। झंडे का आकार आयताकार होना चाहिये तथा इसकी लंबाई व चौड़ाई का अनुपात तीन व दो का होना चाहिये। जैसे यदि झंडे की लंबाई तीन फीट हो तो चौड़ाई दो फीट होनी चाहिये। झंडे के तीन रंगों में सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद तथा नीचे हरे रंग का प्रयोग होना चाहिए। सफेद पट्टी पर 24 तीलीयों वाले अशोक चक्र को बाद में प्रिंट अवश्य किया जाना चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राजीव सिंघल, परियोजना निदेशक अनय मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद कुमार आदि जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।