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मुफ्त राशन से नहीं हर हाथ को काम देने से दूर होगी गरीबी : मायावती

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मिर्जापुर/मड़िहान। बसपा सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बृहस्पतिवार को मड़िहान तहसील के समीप आयोजित चुनावी सभा में भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। कहा कि मुफ्त राशन से नहीं, हर हाथ को काम देने से गरीबी की समस्या दूर होगी। यह काम बसपा करेगी।
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मंडल के सभी तीनों संसदीय सीटों मिर्जापुर, राबर्ट्सगंज तथा भदोही के पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि देश में गरीब परिवारों को मुफ्त में थोड़ा सा राशन दिया जा रहा है। इससे भला होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि राशन पार्टियां अपनी जेब से नहीं देती हैं, बल्कि जनता जो टैक्स देती है, उससे यह राशन आता है। उन्होंने कहा कि इस बार कांग्रेस की तरह ही भाजपा भी सत्ता में आने वाली नहीं है। कहा कि अगर वे वोटिंग मशीन में गड़बड़ी नहीं करते हैं तो पुरानी और नई नाटकबाजी, गुंडेबाजी, गारंटी काम आने वाली नहीं है। जनता समझ गई है कि गरीब, बेरोजगार लोगों को अच्छे दिन दिखाने के जो हवाई वायदे किए गए, उससे संबंधित एक चौथाई काम भी नहीं किए गए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा का ज्यादा समय बड़े पूंजीपतियों को मालामाल करने में लग गया और वे उन्हीं के आर्थिक सहयोग से काम कर रही हैं। कांग्रेस और भाजपा तथा सहयोगी दलों ने धन्ना सेठों से पार्टी चलाने एवं चुनाव लड़ाने के लिए अरबों-खरबों रुपये लिए। बसपा ने एक भी रुपया बांड के माध्यम से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तरह भाजपा ने भी ज्यादातर जांच एजेंसियों का राजनीतिकरण कर दिया है। इस सरकार में किसान काफी परेशान हैं। यूपी में चार बार बसपा की सरकार रही, तब किसानों का विशेष ध्यान रखा गया। खेती के लिए सस्ते संसाधन उपलब्ध कराए गए और फसल का उचित दाम दिया गया। मिर्जापुर मंडल पिछड़ा हुआ था। इस क्षेत्र में काम किया गया। सोनभद्र का इलाका पिछड़ा था। वहां विकास के काम किए गए और गांवों को सड़कों से जोड़ा गया। रोजी-रोटी के साधन उपलब्ध कराए। बसपा की सरकार बनने के बाद क्षेत्र का विकास हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की तरह केंद्र की वर्तमान सरकार की जातिवादी, सांप्रदायिक, रूढ़ीवादी सोच के चलते गरीबों, दलितों आदिवासियों का विकास रुका हुआ है। पूरे देश में दलितों, पिछड़े वर्ग से जुड़ी आरक्षण कोटे की हजारों सीटें अभी तक नहीं भरी जा सकी हैं। सपा सरकार ने भी प्रदेश में यह व्यवस्था खत्म कर दी। प्राइवेट सेक्टर से ज्यादातर सरकारी काम कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में भाजपा तथा कांग्रेस साम, दाम, दंड, भेद सभी हथकंडे अपनाकर सत्ता में आने में लगी हैं। हमें सावधान रहना है। विरोधी दलों की हवा-हवाई घोषणापत्रों के प्रलोभन में नहीं आना है। चुनाव खत्म होने के बाद ये पार्टियां वायदे भूल जाती हैं। बसपा किसी भी चुनाव में घोषणापत्र जारी नहीं करती है। हमारा काम करने में विश्वास है। केंद्र में हमें मौका मिलता है तो हम काम करके दिखाएंगे।
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