मिर्जापुर। जिले के सभी थानों पर शनिवार को थाना समाधान दिवस में भूमि विवाद के मामले अधिक मामले आए। जिगना थाना के बभनी निवासी अंबिका प्रसाद मिश्र ने भौरुपुर अजगना के आराजी नंबर 149 की बैनामा वाली भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए शिकायती पत्र दिया। कहा कि वर्ष 2004 में बैनामा कराया है आरोप लगाया कि जमीन का फाट आदि होने के बाद जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक को 10 से अधिक शिकायतें तहसील व थाना तथा राजस्व अधिकारियों को दिया लेकिन न्याय नहीं मिल पा रहा है।
सिर्फ कागज पर रिपोर्ट लगाकर कर निस्तारण हो जा रहा है। हलिया के सोठिया कला गांव निवासी शिवलाल ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि तीन बिस्वा आबादी की जमीन हिस्से में मिली थी। जिसे परिवार के लोग कब्जा कर लिए हैं। नहीं दे रहे हैं। कई बार थाना तहसील दिवस का चक्कर लगा चुके हैं। हलिया के बढ़वार गांव निवासी राम आधार मौर्य ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि खेत के बगल में स्थित नाला है। जिसे परिवार का एक लोग नाले में मिट्टी डालकर आक्रमण कर लिए हैं। अब नाला खेत की तरफ रुख कर रहा है। जिससे खेती करना कठिन हो गया है। खेत नाले के स्वरूप में बदल गया है।
जिगना: थाना समाधान दिवस पर किसी राजस्व अधिकारी को न आने पर कई लोग बिना शिकायत दर्ज कराए वापस लौट गए। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह व राजस्व निरीक्षक विजय शंकर ने शिकायत सुनी।
हलिया: थाना परिसर में शनिवार को समाधान दिवस में एडीएम नमामि गंगे संगमलाल, नायब तहसीलदार राजू यादव और थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं।
अहरौरा: थाना पर उपजिलाधिकारी अनेग सिंह की अध्यक्षता में थाना दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्रीय लेखपालों ने बांह में काली पट्टी बांधकर प्रतिभाग किया।
जमालपुर: थाने पर थानाध्यक्ष अमित कुमार ने समस्या सुना।
इनसेट
नौ थाने पर एक भी मामले का निस्तारण नहीं
18 थानों में 88 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिनमें से 18 का निस्तारण किया गया। नौ थानों में एक भी मामला निस्तारित नहीं हुआ। शहर कोतवाली में एक भी मामला नहीं आया। कटरा कोतवाली में आठ में पांच, देहात कोतवाली में सात में दो, कछवां में चार में एक, लालगंज में तीन में एक जिगना में आठ में एक, ड्रमंडगंज में 10 में तीन, मड़िहान में चार में दो और अहरौरा में 12 में चार मामले का निस्तारण हुआ। विंध्याचल में दो, चील्ह में चार, पड़री में पांच, हलिया में चार, संतनगर में छह, चुनार में पांच, अदलहाट में दो, जमालपुर में एक, राजगढ़ में तीन प्रार्थना पत्र में एक भी मामले का निस्तारण नहीं हुआ।