मिर्जापुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के बलहरा मोड़ पर पूर्व प्रधान राजेश यादव हत्याकांड में फरार चल रहे शूटरों को पकड़ने के लिए लगी टीम को कुछ हद तक कामयाबी हाथ लगी है, जल्द ही पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम शूटर को पकड़ सकती। हैरानी की बात ये है कि जिले के बाहर से आए शूटर को तो पुलिस पकड़ने के करीब पहुंच गई है, पर शहर का निवासी मुख्य साजिशकर्ता अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। उसे पकड़ने के लिए भी पुलिस तेजी नहीं दिखा रही है।
20 नवंबर 2020 की रात पूर्व प्रधान राजेश यादव की देहात कोतवाली के बलहरा मोड़ के पास हत्या कर दी गई थी। महीने भर बाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया। मामले में पुलिस ने राजेश यादव के साथी बाबू खान, कपिल चौबे और पूर्व चालक कृपाशंकर को गिरफ्तार किया था। पुलिस के खुलासे में आया कि विसुंदरपुर निवासी अखिलेश दुबे और बाबू खान ने हत्या की साजिश रची। कपिल चौबे का अपराधियों से संबंध था। उसने बाहर से शूटर उपलब्ध कराया। दो दिन की रेकी के बाद शूटर राजेश यादव की हत्या करने के बाद फरार हो गए। शूटरों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने सुल्तानपुर और अन्य कई जिलों में जाकर उसकी तलाश की जा रही थी। पिछले दिनों से क्राइम ब्रांच की टीम को शूटरों के बारे में सूचना मिली। जिसके बाद टीम सक्रिय हुई। माना जा रहा है कि क्राइम ब्रांच की टीम एक शूटर के करीब पहुंच गई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर पेश करेगी। बड़ी बात ये भी है कि जिले के बाहर के शूटरों को पकड़ने में तो पुलिस कामयाबी के करीब पहुंच गई है, पर अभी तक जिले के निवासी मुख्य साजिशकर्ता अखिलेश दुबे की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।