नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सरिता अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन से जुड़े 18 आरोपों में से सात को प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं।
बंशीबाजार में कृषि भवन से लोहिया भवन तक सड़क की साइड पटरी पर पेवर ब्लॉक और नाला निर्माण के लिए 37 लाख रुपये के टेंडर राशि के मुकाबले 55 लाख रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। यह स्वीकृत राशि से 18 लाख रुपये अधिक है।
इनमें निर्माण कार्यों में स्वीकृत धनराशि से अधिक भुगतान और बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के मद परिवर्तन कर भुगतान करने के मामले शामिल हैं। शासन ने पालिका अध्यक्ष से 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। फोन करने पर पालिका अध्यक्ष के बजाय उनके प्रतिनिधि(पति) ने बात की।
नगर विकास अनुभाग-6, उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव उदयभानु त्रिपाठी की ओर से बीते पांच अक्तूबर को जारी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
जांच में आरोप संख्या चार, आठ, नौ, 10, 11, 12 और 13 को प्रथम दृष्टया सिद्ध माना गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी की ओर से भेजी गई जांच आख्या के परीक्षण के बाद की गई है। तीन सदस्यीय जांच समिति में मुख्य राजस्व अधिकारी, डिप्टी कलक्टर और वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा शामिल थे।