मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में जांच के नाम पर गरीब मरीजों का शोषण नहीं रुक रहा है। अस्पताल में रात के समय तो बाहरी पैथालाजी सेंटरों के संचालक पहुंचकर मनमाना पैसे लेकर जांच तो कर ही रहे थे, अब दिन में भी वे मरीजों का रक्त निकाल कर जांच कर रहे हैं। दिन में इमरजेंसी वार्ड में पहुंचकर मरीज की जांच करने और पैसे के मोल-भाव करने का वीडियो वायरल हो रहा है।
अस्पताल में इस समय डेंगू, मलेरिया, टायफाइड, बुखार के मरीजों की संख्या अधिक है। डेंगू और इमरजेंसी वार्ड इन मरीजों से पटा पड़ा है। इसके अलावा बच्चा वार्ड और अन्य में भी मरीजों की भीड़ है। अस्पताल में मरीजों की नि:शुल्क जांच हो रही है। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक सैंपल लिए जाते हैं। इसके बाद सैंपल की जांच की जाती है। अस्पताल के पैथालाजी में लंबी लाइन लग रही है। इसी का फायदा उठाकर डाॅक्टर की शह पर बाहर से आने वाले पैथालाजी सेंटर संचालक मरीजों का शोषण कर रहे हैं। मरीज स्वयं बाहर जांच कराए तो अलग बात है, परंतु अस्पताल के अंदर आकर पैथालाजी संचालक वार्ड में मरीजों पर दबाव बना रहे हैं। मोलभाव कर रक्त निकाल रहे हैं। दोपहर बाद जब अस्पताल की पैथालाजी बंद हो जाती है तो बाहरी पैथालाजी सेंटर संचालक सक्रिय हो जाते हैं। ये दिन में इमरजेंसी कक्ष में मरीजों की जांच के लिए सैंपल ले रहे हैं। रक्त का नमूना लेने के लिए मोलभाव किया जाता है। बुधवार को नमूना लेने का एक वीडियो वायरल हो रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आरबी कमल का कहना है कि बाहरी पैथालाजी सेंटर से अस्पताल में आकर जांच किए जाने का वीडियो संज्ञान में आया है। अस्पताल पुलिस चौकी को निर्देशित किया गया है कि बाहर से आने वालों पर कार्रवाई करें।