स्थानीय बाजार में मुख्य मार्ग पर सड़क पटरी पर एक तरफ खुलेआम मांस की दुकानों तो दूसरी तरफ से चाट, पकौड़ा के ठेलों खुमचों के कारण जाम से राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। हर तरफ गंदगी भी पसरी रहती है।
दुकानदारों सड़े मांस को सड़क पर फेंक देते हैं। इससे संक्रामक रोगों के बढ़ने की आशंका बनी है। मांस विक्रेताओं ने दुकानों पर मांस को ढकने के लिए न तो जाली लगवाई है और न ही प्लास्टिक। जबकि शासन प्रशासन का आदेश है कि कोविड-19 की तीसरी लहर में साफ पर विशेष ध्यान दिया जाए। क्षेत्र के रामपुर, शेरवां, जमालपुर, मठना, धारा में भी यही हालत है। राहगीरों और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से खुलेआम हो रही मांस की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।