मिर्जापुर। पथरहिया स्थित आयुक्त कार्यालय के सभागार में बुधवार को आयोजित मंडलीय पेंशन अदालत में मंडलायुक्त ने 59 में से 49 मामलों का निस्तारण किया। मंडलायुक्त ने मंडल के विभिन्न कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीन सेवानिवृत्त कार्मिकों के मामलों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण करें। साथ ही अगली पेंशन अदालत में संबंधित आहरण-वितरण अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पत्रावली का परीक्षण कर मौजूद रहने का भी निर्देश दिया। पेंशन अदालत में खुद की बजाय कर्मचारियों को भेजने पर उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांग लिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मिर्जापुर के प्रकरणों में उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे प्रकरण जो सातवें वेतन आयोग, एरियर एवं वेतन पुनरीक्षण आदि से संबंधित हैं, उनके संबंध में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, लखनऊ के वित्त नियंत्रक, परिवार कल्याण महानिदेशालय से बजट की मांग के लिए पत्राचार करें। पेंशन अदालत में विंध्याचल मंडल के सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन संबंधी 59 प्रकरणों की सुनवाई हुई। इनमें से 49 का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष 10 प्रकरणों को एक सप्ताह के अंदर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। पेंशन अदालत में नगर पालिका मिर्जापुर के अधिशासी अधिकारी, नहर प्रखंड मिर्जापुर के अधिशासी अभियंता तथा सोनभद्र के जिला प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांग लिया है। मंडलायुक्त ने अधिकारियों की जगह संबंधित विभाग के कर्मचारियों को पेंशन अदालत में भेजे जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही आगाह किया भविष्य में संबंधित विभागों के अधिकारी अथवा कार्यालयाध्यक्ष पेंशन अदालत में स्वयं प्रतिभाग करें। अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में एडीएम सत्य प्रकाश सिंह, मुख्य कोषाधिकारी अर्चना त्रिपाठी, वरिष्ठ कोषाधिकारी भदोही, वरिष्ठ कोषाधिकारी सोनभद्र आदि मौजूद रहे।